World Head and Neck Cancer Day: शरीर की हर गांठ कैंसर नहीं होती, जांच फिर भी अनिवार्य
World Head and Neck Cancer Day शुरुआती चरण में ही पहचान हो जाए तो उपचार संभव है। इसलिए शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन या गांठ की अनदेखी न करें तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क कर परामर्श लें। हां प्रत्येक गांठ कैंसर नहीं होती।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कैंसर एक ऐसी स्थिति व बीमारी है, जिसमें शरीर की कोशिका अनियंत्रण व असामान्य ढंग से बढ़ती हैं। तंबाकू, धूमपान, शराब, जंक फूड का सेवन, स्थिर लाइफ स्टाइल, संक्रमण जैसे कारण तो ज्ञात हैं, मगर कुछ अज्ञात कारणों से भी महिला या पुरुषों में कैंसर देखने को मिलता है। इसके शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में फैलने का खतरा होता है।
सूजन व गांठ की अनदेखी न करें
शुरुआती चरण में ही पहचान हो जाए तो उपचार संभव है। इसलिए शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन या गांठ की अनदेखी न करें, तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क कर परामर्श लें। हां, प्रत्येक गांठ Cancer नहीं होती। यह जानकारी रामघाट रोड स्थित पन्नालाल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. महेश श्रीवास्तव ने दी। वह बुधवार को World Head Throat Cancer Day पर दैनिक जागरण के विशेष ‘हेलो डाक्टर’ कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब देने आए थे। प्रस्तुत हैं कुछ चुनिंदा सवाल और उनके जवाब...
पत्नी को ब्रेस्ट Cancer है। कुछ समय से आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। - प्रमोद कुमार, अलीगढ़।
- सीटी या एमआरआइ करानी होगी, ताकि मालूम हो कि कोशिकाअों की स्थिति क्या है? कहीं वे सिर तक नहीं पहुंच रहीं। विशेषज्ञ की देखरेख में उपचार जारी रखें। यदि आपरेशन की सलाह मिले तो देर न करें।
सिर, मुख व गला कैंसर के मुख्य लक्षण क्या हैं।- बुद्ध प्रकाश, सारसौल।
- लंबे समय तक मुंह में कोई छाला, सूजन, खाने में रुकावट, मुंह का कम खुलना, मुंह के अंदर धब्बे, आवाज में भारीपन, बगल में गांठ, मुंह से खून निकला, सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। कैंसर हो सकता है।
मैं स्किन कैंसर से पीड़ित हूं। क्या दवा से ठीक हो जाऊंगा। - राजेश सिंह, छर्रा।
- जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। स्किन कैंसर में सर्जरी या रेडियोथेरेपी (सेंकाई) ही सबसे सार्थक समझी जाती है। देर न करें, विशेषज्ञ से संपर्क करें और परामर्श के अनुसार उपचार शुरू कर दें।
मेरा प्रोस्टेट बढ़ गया था। कुछ समय पूर्व आपरेशन करा लिया है। जांच कराने पर Cancer का टिशू भी मिला है। - जयप्रकाश गुप्ता, लोधीपुरम।
- नए सिरे से जांच करानी होगी, ताकि पता चले कि कैंसर दूसरे अंग तक तो नहीं फैला। शुरुआत में हार्मोनल ट्रीटमेंट चलेगा। विशेषज्ञ को दिखाएं।
मेरे मुंह का स्वाद बिगड़ गया है। अंदर से फटा हुआ सा महसूस होता है। काफी समय तंबाकू का सेवन किया है। - दिनेश चंद्र, चंदनिया।
- ज्यादा तंबाकू, धूमपान व एल्कोहल लेने वाले कई लोगों में ल्यूकोप्लेकिया, सबम्यूकस फाइब्रोसिस, लाइकेनप्लेनस, इरेथ्रोप्लेकिया हो जाता है। समय पर उचित उपचार न लिया जाए तो यह कैंसर में बदल जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर जांच कराएं।
मेरे पेट में एक गांठ बन गई हैं। कहीं यह ट्यूमर तो नहीं है। - जगपाल सिंह एडवोकेट, सोंगरा-गभाना।
- कोई भी गांठ Cancer हो सकती है, मगर हर गांठ कैंसर नहीं होती। यह लाइकोमा लग रहा है, जो वसा के एक जगह इकट्ठा हो जाने से बन जाता है। ऐसा देखने को नहीं मिला है कि लाइकोमा कैंसर में बदल गया हो। यदि कोई परेशानी नहीं है तो चिंतामुक्त रहिए। विशेषज्ञ को एक बार अवश्य दिखा लें।
मेरी पत्नी की गर्दन पर एक गांठ बन गई है। उसके आसपास दर्द होता है। - तोताराम, नगला मसानी।
- ऐसी गांठ की पहले बायोप्सी की जाती है। एमआरआइ करके देखा जाता है कि गांठ कहां से निकल रही है। टीबी या अन्य संक्रमण से भी ऐसी गांठ बन जाती हैं। विशेषज्ञ से परामर्श लें।
इन्होंने लिया परामर्श
अलीगढ़ से लक्ष्मीराय, देहली गेट से जगवीर प्रसाद, शक्ति नगर गूलर रोड से रिंकू, नगौला से सतीश कुमार व कल्याण सिंह, गोमत से डा. मुकेश, खैर बाईपास से पूजा, सासनी गेट से गजेंद्र प्रकाश, अकराबाद से कमल सिंह, टप्पल से बेग सिंह चौधरी, अतरौली से सुरेश लोधी, ज्ञान सरोवर से राखी, स्वर्ण जयंती नगर से जसवंत सिंह आदि।
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