अलीगढ़ [ जेएनएन ] : हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह समाज के लिए कुछ करे। इसमें चाहे वह प्रकृति को संवारने की बात हो या मानव उत्थान की। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही चाहिए। शनिवार को दैनिक जागरण के तालानगरी स्थित कार्यालय में कैसे बेहतर हो समाज से जुड़े सरोकारों का काम? इस पर मंथन किया गया, जिसमें शहर के तमाम उन लोगों को आमंत्रित किया गया, जो विभिन्न तरीकों से समाजसेवा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं। 

पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव 

पर्यावरणविद् सुबोधनंदन शर्मा ने कहा कि आज देश में तमाम मुद्दों पर चर्चा और बहस छिड़ी हुई है। लोगों के अंतर तमाम ख्वाहिशें हैं और उम्मीदें भी। मगर, पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव के बारे में उन्हें तनिक भी चिंता नहीं है। यदि हमारा जीवन ही नहीं होगा तो सभी चीजें बेकार होंगी।  सुबोधनंदन ने कहा कि यदि हम एक तालाब भी पुनर्जीवित कर सकें तो हमारी सार्थकता होगी।

प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं 

चैतन्या महिला समिति की अध्यक्ष व पूर्व प्राचार्य अंजना बंसल ने कहा कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। फिर भी हम सचेत नहीं होते।हमें ऐसे पौधे लगाने चाहिए, जो पर्यावरण को बचाने में सहायक हों। उड़ान सोसाइटी के डायरेक्टर ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि आने वाले दिनों में पानी की बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है। इसलिए हम वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर तेजी से कार्य कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कार्य करने की जरूरत है

दो साल के भीतर हमने लाखों लीटर पानी बर्बाद होने से बचाया है। उन्होंने कहा कि इसमें क्रांतिकारी कदम उठाने की जरूरत है, वरना स्थिति विकराल हो सकती है। मदर्स टच की डायरेक्टर आरती मित्तल ने कहा कि पर्यावरण और नारी सशक्तीकरण के क्षेत्र में वह कार्य कर रही हैं। शादी-पार्टी में डिस्पोजल और प्लास्टिक न प्रयोग न हो इसके लिए वह क्राकरी के बर्तन उपलब्ध कराती हैं। मदर्स टच सबेरा की शुरुआत की है, इसके माध्यम से गरीब बच्चों को वह शिक्षित करेंगी। महिलाओं को स्किल डवलपमेंट पर भी कार्य कर रही हैं। समाजशास्त्री शशी शर्मा ने कहा कि वह लेबर क्लास के बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रही हैं। बच्चों पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कार्य करने की जरूरत है।

लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य 

संगीत कलाकार सामाजिक सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश गोस्वामी ने कहा कि वह दैनिक जागरण के भंडार भरा पर पेट खाली मुहिम को गीतों के माध्यम से जनजन तक ले जाएंगे। माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के प्रवीन माहेश्वरी ने कहा कि वायु और ध्वनि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। हमें इसके प्रति जागरूक होना होगा। आज परिवार में अलग-अलग गाडिय़ां लेकर लोग निकलते हैं, जबकि वे एक साथ कहीं भी जा आ सकते हैं। इसे रोकना होगा। अलीगढ़ हेल्पलाइन के डायरेक्टर राज सक्सेना ने कहा कि वह सिलाई-ब्यूटीशियन, पेंटिंग आदि के माध्यम से लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं। 10 वर्षों में सैकड़ों लड़कियां छोटा-मोटा कारोबार खोलकर अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं। हर्ष गुप्ता, संतोष सक्सेना ने भी विचार व्यक्त किए। 

सरकारी नौकरी में मदद 

अविरल धारा के संस्थापक अतुल सिंह फ्री में बैंक, एलआइसी, बीएड आदि परीक्षाओं की तैयारियां कराते हैं। अतुल ने बताया कि उनकी संस्था के माध्यम से अब तक 118 विद्यार्थी सरकारी नौकरी पा चुके हैं। उनकी कोशिश रहती है कि बच्चे अपनी संस्कृति और संस्कार से भी जुड़े रहें। इसलिए उन्हें अपनी परंपराओं के बारे में भी बताते हैं। 

एक रुपये से बदल रहे जीवन 

वात्सल्य सेवा संस्थान के आलोक वात्सल्य एक रुपये में बच्चों का जीवन बदल रहे हैं। आलोक ने कहा कि उनकी संस्था के माध्यम से अब तक एक हजार से भी अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी संस्था में 1500 सदस्य हैं। प्रत्येक सदस्य से सिर्फ एक रुपया लेते हैं, जिसके माध्यम से बच्चों की फीस, कापी-किताब आदि की व्यवस्था करते हैं। 

दोगुनी शक्ति से करेंगे काम 

शिक्षाविद डॉ. रक्षपाल सिंह ने कहा कि वह सरोकारों से जुड़कर और दोगुनी शक्ति से कार्य करेंगे। मृत्युभोज परित्याग के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अब तक 800 परिवारों तक संपर्क कर चुके हैं। इसमें 40 फीसद कामयाबी मिली है। अब अलीगढ़ के साथ ही बुलंदशहर, हाथरस, एटा और कासगंज आदि जिलों में भी जागरूक कर रहे हैं। 

कोई रहे न भूखा 

रॉबिन हुड की तलत जावेद ने कहा कि वह गरीबों को भोजन पहुंचाने का कार्य करती हैं। होटल, रेस्टोरेंट और शादी-पार्टी से बचे फ्रेश भोजन को संस्था के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।

 

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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