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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown Extension : लॉकडाउन बढऩे की खबर के सदमे से बुजुर्ग की मौत Hathras News

By Sandeep SaxenaEdited By:
Published: Wed, 15 Apr 2020 09:04 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के हाथरस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार सुबह दस बजे राष्ट्र के नाम संबोधन के ...और पढ़ें

Lockdown Extension : लॉकडाउन बढऩे की खबर के सदमे से बुजुर्ग की मौत Hathras News
Lockdown Extension : लॉकडाउन बढऩे की खबर के सदमे से बुजुर्ग की मौत Hathras News

हाथरस [जेएनएन]: उत्तर  प्रदेश के हाथरस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार सुबह दस बजे राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान लॉकडाउन की अवधि की घोषणा एक बुजुर्ग पर भारी पड़ गई। लॉकडाउन की अवधि सुनने में हुई गलती के कारण उन्हें सदमा लगा और प्राण पखेरू उड़ गए।

बुजुर्ग ने समझ लिया था गलत

सादाबाद कस्बे में आगरा गेट के 80 वर्षीय कौशल किशोर के एक बेटे का टेंट, दो बेटों का किराना और चौथे बेटे का पेठे का काम है। कौशल किशोर बेटों के साथ दुकान पर भी बैठ जाया करते थे। उनके बेटे रामप्रकाश ने बताया पिताजी मंगलवार को सुबह 10 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन सुन रहे थे। प्रधानमंत्री ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की बात कही, जबकि उनके पिता की समझ में आया कि लॉकडाउन की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी गई है। इसी बात का सदमा उन्हें लग गया। सदमे से वह जमीन पर गिर पड़े। यह देख परिजनों के हाथ पांव फूल गए।

लॉकडाउन के नियमों का पालन

आनन-फानन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कुछ देर बाद ही उनका लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

नयाबास में घरों में कैद हैैं ग्रामीण

हाथरस के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती जुगेंद्र की मौत की जानकारी जैसे ही सोमवार दोपहर को ग्रामीणों को लगी, उनमें दहशत बढ़ गई थी। सोमवार दोपहर को ही सीओ सिटी व एसडीएम सदर ने गांव पहुंचकर स्थिति देखी थी। पूरे गांव को सैनिटाइज कराया गया था। ग्रामीणों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया था। मंगलवार को पूरे दिन ग्रामीणों की नजर रिपोर्ट पर रही। गांव में अजीब सी खामोशी देखने को मिली। मंगलवार को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा।