अलीगढ़ (जेएनएन)।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ आ सकते हैं। प्रशासनिक स्तर पर अंदरखाने तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई हैं, मगर कलक्ट्रेट व तहसीलों में विशेष साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। योगी यहां किसी गोशाला का निरीक्षण करने आ सकते हैं। चर्चा यह भी है कि हत्या की शिकार हुई बच्ची के परिजनों को सांत्वना देने के लिए वे टप्पल भी जा सकते हैैं।

अपराधी कोई भी हो, बख्शा न जाए : बिजेंद्र

पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह ने बच्ची के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने अफसरों से मांग की है कि इस घटना को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा न जाए। पूर्व सांसद के साथ कपिल शर्मा, ऋषिपाल सिंह मालव, ललिता चौधरी, गौरांगदेव चौहान, लोकेश चौधरी, नितिन वाल्मीकि, सुरेंद्र सिंह, विपिन चौधरी, नीरज ठाकुर भी थे।

सरकार विफल

लोकदल अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी चौ. सुनील सिंह ने कहा है कि योगी सरकार अपराध रोकने में विफल साबित हो रही है। टप्पल में बच्ची की हत्या में पुलिस कई तथ्य छिपा रही है। खुद बच्ची के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। इस दर्द का उजागर मीडिया ने ही किया था। घटना के सही पर्दाफाश के लिए मुख्यमंत्री सीबीआइ जांच की सिफारिश करें।

शर्मनाक घटना

महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि घटना बेहद शर्मनाक है। जब यह बच्ची गायब हुई थी, तभी इलाका पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद घटना टल जाती। पुलिस तथ्यों को छिपा रही है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इस घटना में निर्देशों को न फंसाया जाए।

सियासत न हो

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव रूही जुबैरी ने कहा कि इस बेहद शर्मनाक घटना पर सियासत नहीं होनी चाहिए। अपराधी अपराधी होता है। उसका कोई मजहब नहीं होता। पुलिस की लापरवाही से हमने एक बेटी को खो दिया। परिजन जब थाने गए थे, तभी सक्रियता दिखाई जाती तो घटना टल भी सकती थी। हमारी परिवारी जनों साथ सहानुभूति है।

शिवसेना ने भी जताया रोष

शिवसेना के युवा जिला इकाई अमित सोनी ने कहा कि बच्ची को दङ्क्षरदगी से मारा गया है। दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। असिस्टेंट प्रो. ललित उपाध्याय ने कहा कि पीडि़त परिवार को न्याय मिलना चाहिए। फोरेसिंक जांच तुरंत आनी चाहिए। ऐसे मामले में जांच देर होने पर कार्रवाई होनी चाहिए। अलीगढ़ हेल्पलाइन संस्था के संस्थापक राज सक्सेना ने कहा कि टप्पल में मासूम के साथ अमानवीयता की गई। दोषियों को तुरंत फांसी देनी चाहिए।

प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग

सपा महिला मोर्चा की पूर्व महानगर अध्यक्ष रूबीना खानम ने बच्ची की निर्मम हत्या के लिए प्रदेश की योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा, अब यह स्पष्ट है कि भाजपा का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ नारा सफे द झूठ है। हम राष्ट्रपति से मांग करते है कि  महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करें।

पीड़ित के साथ हूंः सांसद

सांसद सतीश गौतम ने कहा कि मैं पीडि़त परिवार के साथ शुरू से खड़ा हूं। सीएम से लेकर अधिकारियों तक के संपर्क में हूं। पुलिसकर्मियों के खिलाफ इसलिए कार्रवाई हुई है। अब इनकी कभी अलीगढ़ में तैनाती नहीं होगी। पूरी कोशिश है कि पीडि़त परिवार की सोमवार तक सीएम से मुलाकात करा दूं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

मुख्य आरोपी की होगी गिरफ्तारी

भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। पांच पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं। एसआइटी गठित कर दी गई है। पीडि़त परिवार के साथ हम शुरू से खड़े हैं। किसी भी तरह से दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होगी।

होगा इंसाफ ः विधायक

विधायक अनूप प्रधान ने कहा कि घटना के दिन से ही हम पीडि़त परिवार के साथ खड़े हैं। जैसे-जैसे परिवार के लोग कह रहे हैं, उसी प्रकार से कार्रवाई करा रहे हैं। रही बात मुख्य आरोपी की तो उसकी भी तलाश चल रही है। निश्चित तौर में पीडि़त परिवार के साथ इंसाफ होगा। जैसा वो कहेंगे, वैसा कदम उठाया जाएगा।

पुलिस पर है दबावः बसपा

बसपा के जिला अध्यक्ष तिलक राज यादव ने कहा कि पुलिस-प्रशासन पर राजनीतिक दबाव है। इसलिए सही काम करना भी चाहते हैं तो कर नहीं पाते हैं। मुझे अफसोस हो रहा है कि अब कार्रवाई हो रही है, पहले कदम क्यों नहीं उठाए गए? इससे साफ है कि प्रदेश सरकार के दवाब में पुलिस-प्रशासन काम कर रहा है।

फास्ट ट्रैक हो स्थापितः सपा

घटना बेहद दुखद व निंदनीय है। पार्टी की सहानुभूति शोकाकुल परिवार के साथ है। अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिले, इसके लिए फास्र्ट ट्रैक स्थापित किया जाए।

अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष

शरियत कानून के तहत मिले  दोषियों को सजा : जमीर

पूर्व विधायक जमीर उल्लाह ने घटना की निंदा की है। अपराधियों को शरियत कानून के तहत सजा दिलाने की मांग भी की है। इस इस्लामिक कानून के तहत दोषियों को एक सप्ताह में चौराहे पर फांसी पर लटका दिया जाता है। अपराधी अपराधी होता है। फास्र्ट ट्रैक कोर्ट के तहत एक सप्ताह में फांसी की सजा मुकर्रर की जाए।

कांग्रेस के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि  टप्पल प्रकरण में पुलिस असली अपराधियों को बचा रही है। इस मामले में पुलिस की शुरुआत से ही लापरवाही रही है। शोकाकुल परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। घटना की सीबीआइ जांच हो। ऐसा नहीं हुआ तो हम आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

एबीवीपी ने किया प्रदर्शन

टप्पल हत्याकांड के विरोध में एबीवीपी ने शुक्रवार को अचलताल पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश सहमंत्री सीटू चौधरी ने कहा कि घटना पर शिथिलता दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश सरकार से मांग की कि बच्ची के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। दोषियों को फांसी दिलाई जाए। प्रदेश कार्यकारी सदस्य शिवानी पचौरी ने कहा कि कठुआ कांड के बाद कई हस्तियों ने अवार्ड वापसी की बात कही थी, लेकिन इस घटना के बाद किसी की आवाज नहीं उठ रही। प्रदर्शन करने में योगेंद्र वर्मा, कुश कटारा, मधुर माहेश्वरी, शुभम शर्मा, नानक राजपूत, जय यादव, अंकित शर्मा, अंजलि, शिवानी, सपना, मनी, सागर, सौरभ, संजू, प्रशांत, विशाल मौजूद रहे।

 

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Posted By: Mukesh Chaturvedi

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