हाथरस, जागरण संवाददाता। कोरोना काल में ट्रेनों का संचालन बहुत ही सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। महामारी संक्रमण से बचने के लिए यात्रियों के हित में ही ट्रेनों का संचालन किया गया है। हाथरस जंक्शन स्टेशन पर अभी ट्रेनों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल किसी का ट्रेन का ठहराव यहां नहीं किया जा रहा है।

यह जानकारी हाथरस जंक्शन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर एनसीआर आगरा के डीआरएम मोहित चंद्रा ने दी है।

ये होंगे खास काम

उन्होंने कहा कि किसी सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि की शिकायत पर नहीं आए। वह सीधे इलाहाबाद से यहां रुटीन निरीक्षण करने आए हैं। यहां पर कोई बड़ी तो नहीं हां कुछ कमियां मिली हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे-जैसे काेविड कम होता जाएगा। ट्रेनों की संख्या बढ़ादी जाएगी। वहीं उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के मेंडू को हाथरस जंक्शन व मथुरा छावनी को मथुरा जंक्शन पर रेलवे ट्रैक को मिलाने की कोई योजना अभी नहीं है। एक सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि आरपीएफ के बंदीगृह को दुरस्त रखना जरूरी है। वहीं रेलवे के आवासों में गंदगी, उन्हें किराए पर उठाने या स्टेशन परिसर में गंदगी या अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कारवाई की जाएगी। इसके बाद डीअारएम ओएचई निरीक्षण यान से निरीक्षण करते हुए अलीगढ़ की ओर रवाना हो गए। उनके साथ टूंडला से डीटीएम, एईएन, एईई, डीएससी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

ट्रेनों के ठहराव व यात्री सुविधाओं को लेकर सौंपे ज्ञापन

सामाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल दीक्षित ने कोरोना काल में बंद की गईं मुरी, महानंदा, कालका मेल सहित सभी गाड़ियों का संचालन फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर एक ज्ञापन डीआरएम को सौंपा। वहीं सलेमपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्तान राम सिंह ने नेताजी सुपरफास्ट, जम्मू तवी का संचालन फिर से शुरू कराने व मगध, लिच्छवी व सीमांचल एक्सप्रेस का ठहराव करने की मांग रखी। उक्त मांगों पर विचार करने का आश्वासन डीआरएम ने उन्हें दिया।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena