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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कान्हा की दीवानी : बचपन से देखा सपना, कृष्ण की हुई यमुना Aligarh News

By Sandeep SaxenaEdited By:
Published: Wed, 20 Nov 2019 11:04 AM (IST)Updated: Thu, 21 Nov 2019 09:00 AM (IST)

मंगलवार रात को यह अनोखी शादी हुई दूल्हा बने श्रीकृष्ण (विग्रह) के साथ यमुना की। यमुना विकास लोक कॉलोनी गली ...और पढ़ें

कान्हा की दीवानी : बचपन से देखा सपना, कृष्ण की हुई यमुना Aligarh News
कान्हा की दीवानी : बचपन से देखा सपना, कृष्ण की हुई यमुना Aligarh News

अलीगढ़ (जेएनएन) : बैंड बाजों की धुन के साथ भक्तिमय प्रस्तुतियां। उन पर झूमते बराती। बरात जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी, दूल्हा को देखने के लिए भीड़ उमड़ रह थी। जिसने भी बग्घी पर सवार 'दूल्हा ' को देखा तो एक बार को तो चौंका। बाद में हाथ जोड़कर नमन किया और चला गया।

निजी कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट में कार्यरत है कान्हा की दीवानी

मंगलवार रात को यह अनोखी शादी हुई दूल्हा बने श्रीकृष्ण (विग्रह) के साथ यमुना की। यमुना विकास लोक कॉलोनी गली नंबर तीन में रहने वाली लज्जावती देवी की चार बेटियों में सबसे छोटी हैैं। वह जब छह माह की थी, तभी पिता का निधन हो गया। वह नोएडा की निजी कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। पुराणों के अनुसार यमुना कृष्ण की प्रेयसी हैैं, तो यह यमुना भी बचपन से कृष्ण भक्ति में लीन रहती हैं। उन्होंने अपनी इच्छा से श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानकर शादी की। इसकी इच्छा उन्होंने बहुत दिन पहले परिजनों से व्यक्त की थी, पहले तो उन्हें समझाया गया लेकिन वह नहीं मानी। वह कहती हैैं कि अब जीवनभर प्रभु श्रीकृष्ण (मूर्ति) के साथ ही रहेंगी। शादी कोई गुपचुप नहीं हुई। मिलने वालों और रिश्तेदारी में कार्ड भी बांटे गए थे, जिन पर कृष्ण को वसुदेव पुत्र बताया गया। पूरी व्यवस्थाएं भी शादी की तरह हुईं। उनके बनारस निवासी बहनोई उमेश शर्मा ने सारी व्यवस्थाओं का संचालन किया। देर रात सात फेरे हुए। शादी में भाग लेने वाले रितेश सिंह और आशीष शर्मा बताते हैैं कि पूरे मोहल्ले में खुशी बरस रही थी। बहन नीतू शर्मा व्यवस्थाओं में लगी थीं, तो घर के छोटे बच्चे डीजे पर डांस कर रहे थे। देर रात भांवर पडऩे के साथ शादी की रस्म पूरी हुईं।

बांके बिहारी मंदिर के 'लड़का' से शादी

यमुना के परिजनों ने शादी की हर परंपरा का निर्वहन किया। लड़का पक्ष बांके बिहारी मंदिर को बनाया। इसके लिए मंदिर समिति को कार्ड दिया। शादी के कार्ड पर दूल्हा का पता भी वृंदावन लिखवाया। लड़का पक्ष की भूमिका दुल्हन के जीजा ने निभाई। शादी में किसी तरह की खलल न पड़ जाए इसके लिए नजदीकी गांधीपार्क पुलिस को अवगत कराया। कार्ड देकर न्यौता भी दिया।

मीरा से प्रेरणा, वृंदावन में बना शादी का प्लान

दुल्हन बनी यमुना ने बताया कि मीरा से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। भगवत गीता के अलावा गरुण पुराण का भी अध्ययन किया। परिजनों के साथ वृंदावन जाया करती थी, वहां श्री कृष्ण जी से शादी करने का प्लान बना। वैसे जब से होश संभाला मेरे मन में तभी से प्रभु बस गए थे। अब में उन्हीं के साथ जीवन बिताऊंगी।