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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AMU में इनका धरना सही है, हमारी परीक्षाएं भी तो कराइए, कुलपति से मांगी मदद Aligarh News

By Sandeep SaxenaEdited By:
Published: Sun, 19 Jan 2020 10:48 AM (IST)

सवाल जब कॅरियर का हो तो चिंता लाजिमी है। कुछ ऐसी फिक्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों को होने लगी ...और पढ़ें

AMU में इनका धरना सही है, हमारी परीक्षाएं भी तो कराइए, कुलपति से मांगी मदद Aligarh News
AMU में इनका धरना सही है, हमारी परीक्षाएं भी तो कराइए, कुलपति से मांगी मदद Aligarh News

अलीगढ़ [जेएनएन]: सवाल जब कॅरियर का हो तो चिंता लाजिमी है। कुछ ऐसी फिक्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों को होने लगी है। कक्षाएं न चलने व परीक्षाएं न होने से चिंतित छात्रों ने कुलपति से गुहार लगाई है कि कुछ समाधान खोजिए। छात्रों का कहना है सीएए के विरुद्ध लड़ाई अपेक्षित परिणाम मिलने तक जारी रहनी चाहिए, लेकिन कब तक? परिणाम कब मिलेगा किसी को नहीं मालूम। कब तक हम इस आंदोलन के चलते यूनिवर्सिटी को बंद रखेंगे। परीक्षाओं के साथ भी तो आंदोलन जारी रख सकते हैं।

 

परीक्षाएं देने से रोका

250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कुलपति को मेल व मैसेज के जरिए  पीड़ा पहुंचाई है। बीटेक मैकेनिकल, बीटेक सिविल इंजीनियङ्क्षरग, मास्टर्स ऑफ साइंस व एमटेक डिजाइन इंजीनियङ्क्षरग समेत कई अन्य कक्षाओं के छात्रों का कहना है कि अभी तक तो सिर्फ परीक्षाएं देने से रोका जा रहा था। पर अब आलम यह है कि छात्रों को क्लास भी नहीं करने दे रहे हैं। कभी शिक्षक क्लास लेने से इन्कार कर रहे हैं तो कभी छात्रों को जबर्दस्ती क्लास से बाहर निकाला जा रहा है। प्रथम वर्ष के छात्रों को क्लास न होने से दिक्कत हो रही है। फाइनल ईयर के छात्र भी परेशान हैं।

परेशानियां बढ़ी, इंटर्नशिप रुकी

असामाजिक तत्व क्लास और परीक्षा से बॉयकॉट करने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैैं। छात्रों का कहना है कि भविष्य में कई प्रतियोगी परीक्षाएं देनी है। वे ऐसे किसी आंदोलन का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिससे भविष्य पर असर हो। कुछ छात्रों का दिल्ली, गुरुग्राम समेत कई बड़ी कंपनियों में इंटर्न के तौर पर चयन हो गया है लेकिन परीक्षाओं के न होने से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। छात्रों ने कुलपति से कहा है कि वे कक्षाओं का संचालन व परीक्षा चाहते हैं। ये भी कहा है कि कुछ लोग वॉट्सएप्प के जरिये जबर्दस्ती प्रोटेस्ट में शामिल होने व परीक्षा न देने के लिए डरा-धमका रहे हैं।