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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सलमान खुर्शीद का कबूलनामा, कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के दाग

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 24 Apr 2018 01:15 PM (IST)Updated: Tue, 24 Apr 2018 06:52 PM (IST)

सलमान खुर्शीद ने कह दिया कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के दाग लगे हैं। मैं कांग्रेस का ...और पढ़ें

सलमान खुर्शीद का कबूलनामा, कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के दाग
सलमान खुर्शीद का कबूलनामा, कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के दाग

अलीगढ़ (जेएनएन)। ताला नगरी अलीगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की जुबान पर उस समय ताला लग गया जब एक छात्र ने कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के धब्बों की बाबत पूछा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल में रविवार को आयोजित वार्षिकोत्सव में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद ने छात्रों से सीधे संवाद किया

छात्र आमिर मिंटोई ने इस संवाद कार्यक्रम में सलमान खुर्शीद से पूछा कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के जो धब्बे हैं, इन धब्बों को आप किन अल्फाजों से धोना चाहेंगे। इस प्रश्न पर काफी देर चुप रहे सलमान खुर्शीद ने खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कह दिया कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के दाग लगे हैं। मैं कांग्रेस का नेता हूं। इस नाते मुसलमानों के खून के यह धब्बे मेरे अपने दामन पर भी हैं।

छात्र आमिर मिंटोई ने खुर्शीद से दंगों और बाबरी मस्जिद पर सवाल किया तो आयोजकों ने छात्र को रोकने की कोशिश की, लेकिन सलमान खुर्शीद ने कहा कि इन्हें सवाल करने दीजिए। हालांकि राजनीतिक प्रश्न है। इसके बाद छात्र ने सवाल किया कि 1948 में एएमयू एक्ट में पहला संशोधन हुआ। उसके बाद 1950 में प्रेसिडेंशल ऑर्डर जिसमें मुस्लिम दलितों से एसटी/एससी आरक्षण का हक छीना गया।

इसके बाद हाशिमपुरा, मलियाना, मुज़फ्फरनगर आदि में मुसलमानों का नरसंहार हुआ। इसके अलावा बाबरी मस्जिद के दरवाज़े खुलना, बाबरी मस्जिद में मूर्तियों का रखना और फिर बाबरी मस्जिद की शहादत हुई, सब कांग्रेस की सरकार में हुआ।

सारी घटनाओं का हवाला देते हुए आमिर ने खुर्शीद से पूछा कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के जो धब्बे हैं, इन धब्बों को आप किन अल्फ़ाज़ों से धोएंगे। इसके जवाब में सलमान खुर्शीद ने आमिर मिंटोई के लगाए हुए इल्जामों से बचते हुए ना चाहते हुए भी यह कहा कि कांग्रेस का नेता होने के नाते मुसलमानों के खून के यह धब्बे मेरे अपने दामन पर हैं।

खुर्शीद ने माना कि हां कांग्रेस के दामन पर खून के धब्बे हैं। इसी वजह से आप हमसे कह रहे हैं। अब आप पर कोई वार करे तो उसे हमें बढ़कर रोकना चाहिए। हम ये धब्बे दिखाएंगे कि तुम समझो कि धब्बे अब तुम पर न लगें। तुम वार इन पर करोगे तो धब्बे तुम पर लगेंगे। हमारे इतिहास से आप कुछ सीखें-समझें।

सलमान खुर्शीद ने ट्रिपल तलाक पर छात्रों को जागरूक करते हुए अलीगढ़ से अपने पुराने रिश्ते को याद किया।उन्होंने कहा कि इसी यूनिवर्सिटी के वीसी लॉज में पैदाइश हुई थी, लेकिन मुझे इस बात का अफसोस है कि मेरी तरबियत यहां से नहीं हुई। कांग्रेस के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद ने आखिर में छात्रों से इतनी अपील की कि आप गुजरे हुए वक्त से सबक सीखो। उन्होंने छात्रों से कहा कि आप आगे इस बात का ख्याल रखो कि जब कभी आप अलीगढ़ लौटकर आओ तो आपको भी अलीगढ़ में सवाल पूछने वाले मिलें।