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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाथरस के भारत केशरी बने हरिकेश

By JagranEdited By:
Published: Fri, 27 Apr 2018 01:07 PM (IST)

जनपद हाथरस की तहसील सादाबाद में मल्ल कुश्ती के क्षेत्र में ब्रज का डंका बजता रहा है।

हाथरस के भारत केशरी बने हरिकेश
हाथरस के भारत केशरी बने हरिकेश

अलीगढ़ : जनपद हाथरस की तहसील सादाबाद में मल्ल कुश्ती के क्षेत्र में ब्रज का डंका बजता रहा है। इस ब्रज क्षेत्र की माटी से गांव सुरतिया के हरिकेश पहलवान ने दूसरी बार भारत केशरी का खिताब जीत सादाबाद क्षेत्र का एक बार फिर मान सम्मान बढ़ाया है। वापस आने पर अखाड़े पर शुक्त्रवार की सुबह हरिकेश का जोरदार स्वागत किया गया।

बतादें की गांव सुरतिया(मुरसान) निवासी हरिकेश पहलवान का अखाड़ा सादाबाद आगरा मार्ग से नगला गिरधारी मार्ग पर ,यही पर वह अपनी तैयारी के साथ अपने शिष्यों को भी मल्ल विद्या सिखाते हैं। हरिकेश राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात व केरल आदि प्रदेशो के साथ अपने प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ ब्रज क्षेत्र में भी विरोधियों को धूल चटाकर अपनी प्रतिभा व हुनर का लोहा मनवा चुके हैं। 25 अप्रैल को राजस्थान के जगींना में आयोजित भारत केशरी के खिताब को जीता लिया। इसकी जानकारी क्षेत्रीय लोगों को होने पर अखाड़े पर ही स्वागत सामारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हरिकेश पहलवान के साथ उनके पिता व गुरु का भी साफा बांधकर व नोटों की माला व फूलमाला पहनाकर का सम्मान किया गया। कार्यक्त्रम में वक्तायों ने भी अपने विचार रखे। साथ ही कहा कि ब्रज क्षेत्र कुश्ती दंगल के लिए मशहूर है। युवाओं को इस विधा को सीख कर आने आना चाहिए। कुश्ती के जरिए मान-सम्मान के साथ साथ प्रसिद्धी भी मिलती है। करियर बनाने में कुश्ती दंगल सहायक सिद्ध हो रहा है। सरकारी नौकरियों में खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है और खिलाड़ियों को नौकरी के चयन में प्राथमिकता मिलती है।