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    Good News : विदेशी गाजर की खेती बन रही फायदे का सौदा Aligarh news

    By Anil KushwahaEdited By:
    Updated: Sun, 13 Dec 2020 12:30 PM (IST)

    विदेशी गाजर की खेती को अपनाने वाले शिवकुमार नोएडा स्थिति एक कम्पनी में नौकरी करते हैं।जिसके साथ साथ अपने गांव में अपने अन्य दो भाइयों की मदद से निजी एवं लीज पर लेकर हर वर्ष विदेशी गाजर की खेती करते हैं।

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    उन्होंने करीब 80 बीघा खेत में नारंगी रंग वाली विदेशी गाजर की खेती की है।

    श्याम सुंदर, श्‍याम सुंदर : परंपरागत खेती के तरीकों को छोड़कर जिले के गांव महगौरा के  माजरा नगलाखूबा के किसान शिवकुमार पुत्र विक्रमदत्त ने  आधुनिक तरीके को अपनाकर पिछले पांच वर्षों से विदेशी गाजर की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। 

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     नोएडा में नौकरी करते हैं

    विदेशी गाजर की खेती को अपनाने वाले शिवकुमार नोएडा स्थिति एक कम्पनी में नौकरी करते हैं। जिसके साथ साथ अपने गांव में अपने अन्य दो भाइयों की मदद से निजी एवं लीज पर लेकर हर वर्ष विदेशी गाजर की खेती करते हैं। इस वर्ष भी उन्होंने करीब 80 बीघा खेत में नारंगी रंग वाली विदेशी गाजर की खेती की है। शिवकुमार बताते हैं कि नौकरी के साथ साथ अपने खेतों में पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग कर मुनाफा बढाने का प्लान किया था। जिसके लिए उन्होंने अपने साथी कर्मचारियों के गांव जाकर विदेशी गाजर उगाने की विधि के साथ आवश्यक उर्वरकों प्रबंधन आदि की जानकारी ली।

    विशेषज्ञों से ली उत्‍पादन की जानकारी

    कृषि विशेषज्ञों से भी संपर्क कर अपने खेत की मिट्टी की अनुकूलता एवं गाजर में रोग निवारण के लिए कीटनाशकों के बारे में जाना।जिसके बाद शुरुआत में कम स्थान में गाजर की खेती करना शुरू की और समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों से बेहतर उत्पादन का तरीका एवं प्रबंधन जानकारी लेकर गाजर की पैदावार से धीरे-धीरे अच्छी आय प्राप्त होने लगी।आज की तारीख में शिवकुमार हर वर्ष पारम्परिक खेती के मुकाबले 5 गुने से भी अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।जिन्होंने इस वर्ष भी अक्टूबर में गाजर की बुवाई शुरू की अब दिसम्बर में गाजरों की खुदाई शुरू चुकी है।अब इसके रख रखाब के प्रवंधन का कार्य चल रहा है ।शिवकुमार के अनुशार इस पूरे सीजन में प्रति बीघे 80 बोरे (40 से 45 किग्रा प्रति बोरा) गाजर प्राप्त होती है।जिसके अनुसार इस वर्ष भी 3 हजार क्विंटल गाजर पैदा होने के आसार हैं। जिसे मजदूरों की मदद से खेत से सीधे औषधियां बनाने बाली कंपनियों हेतु उत्तराखंड भेजा जाता है।हालांकि साधारण गाजर के मुकाबले इसकी पैदावार में तीन गुना ज्यादा लागत आती है बीज भी काफी महंगा होता है लेकिन पैदावार भी सामान्य गाजर के मुकाबले पांच गुने से भी अधिक हो जाती है।

    प्रेरित किसान

    मेरे खेतों के निकट ही गुड्डू शर्मा करीब 5 वर्षों से विदेशी गाजर की खेती करते आ रहे हैं।काफी लाभ की खेती है अबकी बार मैंने भी अपने खेतों में यह गाजर उगाने की योजना बनाई हैं।

    - गंगा प्रसाद शर्मा (किसान चीती)  

    कई सालों से मेरे गांव के माजरा नगला खुबा में यह खेती की जा रही है।सामान्य गाजर के मुकाबले   काफी लाभ दायक खेती है।मैने भी इस बार करीब 10 बीघा खेत में गाजर की खेती की है।अच्छे लाभ की उम्मीद है।

    रामचन्द्र (किसान महगौरा)