शराब की दुकानों पर शोपीस बनीं ई-पाश मशीन, कैसे रखेंगे एक एक बोतल पर नजर
शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए हर दुकान पर ई पाश मशीन रखवायी गयी थी ताकि एक एक बोतल की बिक्री पर नजर रखी जा सके लेकिन ई पाश मशीन का प्रयोग अभी तक नहीं शुरू हुआ।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। शराब बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दुकानों पर स्थापित की गईं ई-पाश मशीन शोपीस बनकर रह गई हैं। जिले की किसी पर दुकान पर यह प्रयोग में नहीं लाई जा रही हैं। अफसरों का तर्क है कि इन मशीनों से शराब के गोदाम अभी लिंक नहीं हो पाए हैं। विभागीय स्तर पर इन्हें अपडेट किया जा रहा है। जुलाई के पहले सप्ताह से संचालन शुरू हो जाएगा।
अलीगढ़़ में 484 शराब की दुकानें
जिले में कुल 484 शराब की दुकानें हैं। इनमें बीयर की 129, देसी की 246 व अंग्रेजी की 109 दुकानें हैं। बीते साल जिले में जहरीली शराब का सेवन करने से सौ से अधिक लोगों की जान चली गई थीं। तब से विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। पिछले दिनों जिले में शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक दुकान पर ई-पाश मशीन रखवाई गईं थी। इनके माध्यम से आबकारी विभाग का मकसद था कि एक-एक बोतल की बिक्री पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही दुकानों पर ब्रांडेड के नाम पर बिक रही डुप्लीकेट शराब के साथ ओवर रेटिंग पर भी अंकुश लग सके,लेकिन लापरवाही के चलते अब तक विभाग की यह मंशा पूरी नहीं हो सकी है। जिले की किसी भी दुकान पर ई-पाश मशीनों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
बिना लाइसेंस होटलों मे परोसी जा रही शराब
होटलों में परोसी जा रही शराब जिले में आबकारी विभाग के अफसरों की आंखों में धूल झोंक खूब अनियमितताएं हो रही हैं। शहर के कई नामचीन हाेटलों में बिना लाइसेंस के ही शराब परोसी जा रही है। रामघाट रोड व जीटी रोड के अधिकांश हाेटलों पर यह खेल चल रहा हैं, लेकिन अफसर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति करते हैं।
इनका कहना है
सभी दुकानों पर मशीन लगवा दी गई हैं, लेकिन यह मशीन गोदाम से लिंक नहीं हैं। ऐसे में यह काम नहीं कर पा रही हैं। शासन स्तर से इसके लिए एक टीम भी लगी हुई है। जल्द मशीनों का संचालन हो जाएगा।
सतीश चंद्र, जिला आबकारी अधिकारी
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