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    Dr. Bhimrao Ambedkar University : 1100 उत्तरपुस्तिकाओं को दीमक ने किया नष्ट, मिलेंगे औसत नंबर, जानिए मामला Aligarh News

    By Sandeep Kumar SaxenaEdited By:
    Updated: Fri, 12 Mar 2021 09:12 AM (IST)

    डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में बीएड 2013 के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा चुकी है। इस प्रकरण को पूरी तरह से निस्तारित करने के लिए कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने तत्काल फैसला किया है।

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    कुलपति ने प्रकरण की जानकारी की तो कुछ खामियां सामने आईं।

    अलीगढ़, जेएनएन। डा.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा (आगरा यूनिवर्सिटी) में बीएड 2013 के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा चुकी है। इस प्रकरण को पूरी तरह से निस्तारित करने के लिए कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की ओर से इस संबंध में तत्काल फैसला करते हुए बैठक भी की गई। कुलपति ने प्रकरण की जानकारी की तो कुछ खामियां सामने आईं। इनको निस्तारित करने के लिए निर्णय परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए। आगरा यूनिवर्सिटी की जनसंपर्क अधिकारी डा. सुनीता गुप्ता ने परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में बताया।

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    यह है मामला

    डा. सुनीता गुप्ता ने बताया कि, विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में परीक्षा समिति की बैठक की गई थी। इसमें 2013 बीएड परीक्षा परिणामों में त्रुटि को निस्तारित करने के लिए अहम फैसले लिए गए। जिनमें तथ्य सामने आए कि बीएड 2013 के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के लिए 2014 में एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति ने 2016 में अपनी आंतरिक रिपोर्ट में कहा था कि बीएड 2013 के घोषित परीक्षा परिणाम के सापेक्ष, उत्तर पुस्तिकाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर परिणाम तैयार किया जाए। इस परिप्रेक्ष्य में पूर्व कुलपति के कार्यकाल में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की गई थी और अंकपत्र तैयार करके परीक्षा परिणाम तैयार किया गया था। इस प्रक्रिया में 62 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी पाई गई थी जिसमें ओवर राइटिंग पाई गई थी। इसके संबंध में परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय से बाहर के दो परीक्षकों से इनका मूल्यांकन करा कर, उनकी ओर से दिए गए अंकों का औसत प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 1100 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी पाई गई जिन्हें दीमक ने आंशिक रूप से नष्ट कर दिया है, इनमें भी अभ्यर्थियों को औसत अंक प्रदान किए जाएंगे।

    जांच समिति का गठन परीक्षा समिति में किया 

    परीक्षा परिणाम के पूर्ण निस्तारण से पूर्व नोडल केंद्रों से इन विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। अपना परीक्षा परिणाम घोषित कराने के लिए एक विद्यार्थी का प्रकरण उच्च न्यायालय में लंबित है। उच्च न्यायालय से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि विश्वविद्यालय इस संबंध में नीति बनाकर निर्णय ले। विश्वविद्यालय ने परीक्षा समिति में निर्णय लिया कि उच्च न्यायालय को दो माह में इस संबंध में अवगत करा दिया जाएगा। इस परीक्षा में एक्स के रूप में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों का परिणाम विधिवत जांच के पश्चात घोषित किया जाएगा। जिसके लिए प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर और प्रोफेसर पीके सिंह की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन परीक्षा समिति में किया गया। इसके अलावा पुनःपरीक्षा और अनुपस्थित विद्यार्थियों की जांच के लिए भी प्रोफेसर यूसी शर्मा, प्रोफेसर अनिल वर्मा और सहायक कुलसचिव पवन कुमार की एक जांच समिति का गठन परीक्षा समिति में किया गया।

    रिपोर्ट कोर्ट व पीएमओ कार्यालय को भेजी जाएगी

    कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कहा कि छात्र-छात्राओं की समस्या को जल्द से जल्द दूर कर उनको राहत देने के लिए विवि प्रशासन तत्पर है। जल्द ही इस प्रकरण का निस्तारण कर रिपोर्ट कोर्ट व पीएमओ कार्यालय को भेजी जाएगी।