अलीगढ़, सुमित शर्मा। रेंज स्तर के साइबर थाने को तकनीकी जांच के लिए अब लखनऊ की लैब पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। इसके तहत थानों को विस्तार करने की तैयारी की जा रही है। अलीगढ़ समेत प्रदेश के 18 थानों में आधुनिक साइबर लैब खोली जाएगी। यहां साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति होगी। लैब के लिए अलग से जगह तलाशने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह है योजना

वर्तमान में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तमाम फर्जी एप्स व वेबसाइट के माध्यम से लोगों को झांसे में लिया जा रहा है। हर दिन एक-दो शिकायतें पुलिस के पास आती हैं। ऐसे में पुलिस भी खुद को अपडेट कर रही है। इसके तहत प्रदेश के 18 जिलों में रेंज स्तर के साइबर थाने खोले गए। 15 अगस्त को पुलिस लाइन में तत्कालीन आइजी दीपक रतन ने रेंज स्तरीय साइबर थाने का शुभारंभ किया था। थाने में एक लाख रुपये के ऊपर की रकम के फ्राड दर्ज किए जाते हैं। अब तक 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हालांकि पुलिस पांच गिरोहों का पर्दाफाश भी कर चुकी है। लेकिन, संसाधनों के अभाव में पुलिस की विवेचना अटक जाती है। अभी डिलीट हुए डाटा व मोबाइल, लैपटाप व अन्य उपकरण की फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस को लखनऊ साइबर लैब की मदद लेनी पड़ती है। इसकी रिपोर्ट आने चक पुलिस को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में लखनऊ मुख्यालय ने प्रदेश के सभी साइबर थानों के लिए अलग से साइबर फोरेंसिक लैब खोलने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

15 बाइ 15 के कमरे में होगी लैब

मुख्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में अलीगढ़ के लिए 15 बाइ 15 का कमरा तलाशा जा रहा है, जहां लैब खोली जाएगी। यहां साइबर एक्सपर्टों की नियुक्ति भी मुख्यालय से होगी। वहीं पूरी टीम साइबर थाने के नेतृत्व में ही काम करेगी। सभी 18 थानों के लिए 32 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं।

अलीगढ़ में साइबर फोरेंसिक लैब को खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसके लिए अलीगढ़ में जगह तलाशी जा रही है। यह लैब प्रदेश के 18 थानों में खोली जाएंगी। लैब के बनने पर तकनीकी जांच के लिए दूसरी लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय भी बचेगा और विवेचना में भी मदद मिलेगी।

सुरेंद्र कुमार सिंह, इंस्पेक्टर, साइबर थाना, अलीगढ़ रेंज