मुखबिरी के शक में जुबैर ने की थी AMU शिक्षक दानिश हिलाल की हत्या, मेरठ में मारा गया शातिर
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शिक्षक दानिश हिलाल की हत्या मुखबिरी के शक में की गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड ...और पढ़ें

फाइल फोटो। सोर्स यूपी पुलिस।

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जागरण संंवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के शिक्षक राव दानिश हिलाल की 24 दिसंबर को यूनिवर्सिटी के कैनेडी हॉल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अमीर निशा निवासी सलमान कुर्ते वाले को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि हत्या को बरला क्षेत्र के नौशा निवासी जुबैर के शूटर भाइयों यासिर और फहद ने अंजाम दिया था।
मुखबिरी के शक में की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, जुबैर को शक था कि शाहबेज हत्या कांड में उसकी पुलिस से मुखबिरी दानिश हिलाल ने की थी। इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची। जुबैर पर अलीगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हाल ही में वह मेरठ में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया। उसके खिलाफ अलीगढ़ में कई मुकदमे दर्ज थे।
सात साल जेल रहके बाद आया था जुबैर
बताया गया कि वर्ष 2018 में क्वार्सी क्षेत्र में हुई शाहबेज हत्या के मामले में मूल रूप से नौशा निवासी जुबैर जेल गया था। करीब सात साल जेल में रहने के बाद वह पिछले वर्ष जुलाई में बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद उसने बदला लेने की योजना बनाई और अपने भाइयों यासिर व फहद को दानिश की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी।
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पुलिस को थी जुबैर और उसके दोनों भाइयों की तलाश
दानिश हिलाल की हत्या के बाद पुलिस ने जुबैर और उसके दोनों भाइयों की तलाश में अलीगढ़ समेत दिल्ली और सहारनपुर तक जाल बिछाया था। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दिल्ली की ओर भाग निकले थे। पुलिस न्यायालय के आदेश पर गांव नौशा स्थित शूटरों के घर पर धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस भी दो बार चस्पा कर चुकी है। इसके अलावा जुबैर के खिलाफ वर्ष 2024 में सिविल लाइन में केस दर्ज थे।
