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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एएमयू छात्रों से देशद्रोह की धारा हटी, एक छात्र की गिरफ्तारी पर जेल भरने का ऐलान

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Published: Tue, 19 Feb 2019 09:00 AM (IST)Updated: Tue, 19 Feb 2019 09:23 AM (IST)

एएमयू में 12 फरवरी को हुए बवाल में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के ...और पढ़ें

एएमयू छात्रों से देशद्रोह की धारा हटी, एक छात्र की गिरफ्तारी पर जेल भरने का ऐलान
एएमयू छात्रों से देशद्रोह की धारा हटी, एक छात्र की गिरफ्तारी पर जेल भरने का ऐलान

अलीगढ़ (जेएनएन)।  एएमयू में 12 फरवरी को हुए बवाल में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों के जेल भरने के एलान से कैंपस में देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति रही। यूनिवर्सिटी सर्किल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, 14 एएमयू छात्रों पर दर्ज मुकदमे में देशद्रोह की धारा साक्ष्य के अभाव में हटा ली गई है। एएमयू में उपद्रव व हमले की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन की ओर से इंतजामिया को साइन डाई (अनिश्चितकाल के लिए बंद) के लिए पत्र भेजा जा सकता है।

ऐसे हुआ था विवाद
एएमयू सर्किल पर छात्र गुटों में टकराव हुआ था। गैर मुस्लिम छात्रों के पक्ष में भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी समेत अन्य भाजपाई भी पहुंचे थे, जिन्हें छात्रों ने दौड़ा-दौड़कर पीटा। मुकेश की गाड़ी पर फायङ्क्षरग हुई थी। प्रकरण में मुकेश, भाजपा महानगर ईकाई के प्रवक्ता निशित शर्मा, दूसरे पक्ष से एएमयू के सुरक्षा अधिकारी अजीम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

तालिब पर है बाइक फूंकने का आरोप
निशित के मुकदमे में एएमयू में बीए प्रथम वर्ष के छात्र तालिब पुत्र तसब्बुर निवासी हमदर्द नगर जमालपुर को पुलिस ने जेल भेज दिया। इसे वीडियो फुटेज के आधार पर चिह्नित किया गया था। उस पर बाइक चुराने, गायब करने व फूंकने का भी आरोप है। इस कार्रवाई से भड़के छात्रों ने एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाकर जेल जाने का एलान कर दिया। इसे देखते हुए एएमयू में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसएसपी आकाश कुलहरि, एडीएम सिटी एसबी सिंह समेत तमाम अधिकारी पुलिस व आरएएफ के साथ देररात तक सर्किल पर डटे रहे।

साइन डाई को भेजेंगे पत्र

एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि तालिब के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। देशद्रोह के आरोप की पुष्टि न होने पर धारा हटा ली गई हैं। एएमयू प्रशासन पर व्यवस्थाएं नहीं संभल रहीं तो साइन डाई के लिए पत्र भेजेंगे।