एएमयू छात्रसंघ चुनाव: 26 अक्टूबर से शुरू होगी प्रक्रिया, 5 नवंबर को मतदान; जानिए कौन हैं नए प्रॉक्टर?
एएमयू में छात्रों की मांगों को मानते हुए छात्रसंघ चुनाव की घोषणा कर दी गई है, जिसमें 26 अक्टूबर से ...और पढ़ें

एएमयू के यूनियन हाल की छत पर चढ़कर जश्न मनाते छात्र। जागरण
HighLights
एएमयू छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू होगी।
मतदान 5 नवंबर को होगा, मतगणना उसी शाम से।
प्रो. नवेद खान हटाए गए, प्रो. नफीस अंसारी नए प्रॉक्टर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कुलपति प्रो. नईमा खातून ने गुरुवार की रात एक बजे छात्रों को बातचीत के लिए अपने आवास पर बुलाया। सुबह चार बजे तक वार्ता हुई। इसमें छात्रों की सभी मांगों पर विचार किया गया। छात्रों को संकेत दिया गया अब आप जाएं कुछ अच्छा ही होगा। शुक्रवार सुबह प्रॉक्टर को हटाने का आदेश जारी करने के साथ चुनाव की घोषणा का भी पत्र जारी किया गया।
इसके बाद कुलपति, सह कुलपति प्रो. एम माहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर पूरी टीम के साथ छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी सभी मांगे मान लेने की बात कहते हुए हड़ताल पर बैठे छात्र यासिर फहद को जूस पिलाकर धरना खत्म कराया।
26 अक्टूबर से चुनाव प्रक्रिया, पांच नवंबर को मतदान
- 26 अक्टूबर को सुबह 10 बजे संबंधित संकायों में मतदाता सूची प्रदर्शित की जाएगी।
- 27 अक्टूबर को दोपहर दो बजे तक सूची में संशोधन के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। शाम चार बजे अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
- 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक एएमयू छात्रसंघ कार्यालय में नामांकन पत्र जमा होंगे। शाम चार बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
- 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। शाम चार बजे वैध प्रत्याशियों की सूची जारी होगी।
- 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजे प्रत्याशियों को क्रमांक आवंटित किए जाएंगे। शाम चार बजे क्रमांक सहित अंतिम सूची जारी होगी।
- 03 नवंबर को दोपहर दो बजे से यूनियन हाल की छत से अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के भाषण होंगे।
- 05 नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित संकायों में मतदान होगा। दोपहर एक से दो बजे तक भोजनावकाश रहेगा।
- 05 नवंबर की शाम सात बजे से मतगणना शुरू होगी।
ये मांगें मानी गईं
छात्रसंघ चुनाव घोषणा की गई। कार्यक्रम जारी किया गया
- प्रॉक्टर पद से प्रो. नवेद खान को हटाया
- मुकदमा वापस लेने का भरोसा दिया
- यासिर फहद का निलंबन वापस लिया है
प्रो. नवेद पर गिरी गाज, प्रो. नफीस असारी बने प्रॉक्टर
चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाने या उन्हें हटाने क दौरान प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान की कई बार झड़प हुई। छात्रों ने उन पर पक्षपात के आरोप लगाए। इन्ही आरोपों को लेकर छात्र उनके इस्तीफा के लिए अड़ गए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए कुलपति ने उन्हें हटाने का निर्णय लिया।
कुलसचिव कार्यालय की ओर से नौ अक्टूबर को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, कुलपति प्रो. नईमा खातून ने विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए प्रो. नफीस अहमद अंसारी को दो वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रॉक्टर नियुक्त किया है। प्रो. अंसारी राजनीति विज्ञान विभाग में कार्यरत हैं और नई जिम्मेदारी के साथ अपने मौजूदा दायित्व भी निभाएंगे।
प्रोफेसर अंसारी को 30 वर्ष से अधिक है अनुभव
प्रो. अंसारी को अध्यापन और शोध का 30 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 1994 में एएमयू के राजनीति विज्ञान विभाग में व्याख्याता के रूप में कार्यभार संभाला और वर्ष 2009 में प्रोफेसर बने। उन्होंने राजनीति विज्ञान में पीएचडी और एमफिल की उपाधियां एएमयू से प्राप्त की हैं। लोक प्रशासन और भारतीय शासन उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। प्रोफेसर अंसारी ने एएमयू के दूरस्थ शिक्षा केंद्र के निदेशक के रूप में भी कार्य किया है और विभिन्न दायित्वों के माध्यम से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में योगदान दिया है। वे एएमयू कोर्ट, अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद के निर्वाचित सदस्य भी रह चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘जर्नल ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन एंड मैनेजमेंट रिसर्च’ के संपादक तथा ‘इंडियन जर्नल ऑफ पॉलिटिक्स’ के संपादकीय मंडल के सदस्य के रूप में अकादमिक प्रकाशन के क्षेत्र में योगदान दिया है। उनके शोध के प्रमुख विषयों में शासन व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, न्यायिक समीक्षा, विकेंद्रीकरण, भ्रष्टाचार, लैंगिक समानता, ग्रामीण विकास तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा शामिल हैं।
कई पुस्तकों की रचना और संपादन भी किया
प्रोफेसर अंसारी ने कई पुस्तकों की रचना और संपादन किया है, जिनमें ‘एडमिनिस्ट्रेटिव सेटअप ऑफ सल्तनत ऑफ ओमान’, ‘एजुकेशन सिस्टम एंड मार्जिनलाइज्ड सेक्शन आफ द सोसाइटी’, ‘विमेन्स एम्पावरमेंट थ्रू एजुकेशन पालिसीज’, ‘रूरल डेवलपमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन इन इंडिया: पालिसीज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ तथा ‘ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग इन इंडिया: नेशनल पर्सपेक्टिव इन डिजिटल एज’ प्रमुख हैं। वे 22 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर चुके हैं, जिन्हें उपाधियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने पाठ्य सामग्री तैयार करने और आनलाइन शिक्षण संसाधनों के विकास में भी योगदान दिया है।
आंदोलन के दौरान कब, क्या हुआ
21 सितंबर: डक प्वाइंट पर धरना शुरू हुआ। निलंबित छात्र यासिर फहद भूख हड़ताल पर बैठे
28 सितंबर: प्रदर्शन तेज हो गया। रास्ता रोकने को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच बहस हुई। रात में मारपीट हुई
29 सितंबर: छात्रों के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने से तनाव बढ़ा
30 सितंबरर: प्राक्टर प्रो. मोहम्मद नावेद खान को हटाने, यासिर फहद का निलंबन वापस लेने की भी मांग की गई
3 अक्टूबर: वीएम हाल से चार युवकों को पुलिस पूछताछ के लिए ले गई। इनमें से तीन को छोड़ा। आरिज खान को हिरासत में लिया
4 अक्टूबर: छात्रों ने गेट बंद कर दिए। देर रात प्राक्टोरियल टीम ने कुछ गेटों पर छात्रों द्वारा लगाए गए ताले तोड़कर गेट खुलवा दिए
5 अक्टूबर: सपा नेता सुमैया राणा धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन किया
6 अक्टूबर: जेएनयू छात्रसंघ की संयुक्त सचिव दानिश अली ने समर्थन दिया। रात में यासिर फहद को धरने से अस्पताल ले जाने की कोशिश पर हंगामा हुआ
8 अक्टूबर: देर रात कुलपति के साथ हुई बैठक में मांगें मान ली गई
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यह हमारी अभी तक की सबसे बड़ी जीत है। पिछले कई सालों से छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहा था। हम लगातार कोशिश कर रहे थे। इस बार हम सफल हुए हैं। यह एक-एक स्टूडेंट की सबसे बड़ी जीत है।
आकिब मुर्शीद, शोध छात्र, जूलाजी विभाग
पिछले आठ सालों से यूनियन बंद थी। चुना का ऐलान होना अपने आप में बहुत बड़ी कामयाबी है। सारे छात्र बहुत खुश हैं। अब यूनियन भी बनेगी। छात्र अब अपने हक और हुकूक के लिए लड़ाई लड़ सकेंगे।
मोहम्मद युसुफ, एलएलएम फाइनल ईयर
धरना कामयाब हुआ है। सिर्फ किसी एक शख्स के सर पर इसका सेहरा नहीं सजाया जा सकता। आसिफ फहद और जितने भी लोग यहां पर आए और उन्होंने रात-दिन एक करके जिस तरीके से मेहनत की, काबिले मुबारक हैं। छात्राओं ने भी पूरा साथ दिया। दाऊद रशीदी , बीए फोर्थ ईयर
सभी मांग मान ली गई हैं। प्राक्टर का इस्तीफा हो या चुनाव करान की मांग सभी पूरी हो गईं। एफआइआर की वापसी भी होगी। कुलपति के निर्णय से सभी सहमत हैं।
-अफ़कार अहमद, ला फैकल्टी, फोर्थ ईयर
