Aligarh Murder Case: पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने वाले को आजीवन कारावास, 2019 में हुई थी रेशमा की हत्या
अलीगढ़ में एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी ने 2019 में अपनी पत्नी की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी थी। अदालत ने उस पर 22000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से 10000 रुपये पीड़िता के परिवार को दिए जाएंगे। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। पत्नी की बेरहमी से चाकू से गर्दन रेतकर हत्या करने वाले पति को एडीजे प्रथम हरविंदर सिंह की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। छह वर्ष पूर्व हुई इस वारदात में दोषी को 22 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया गया है। इसमें 10 हजार रुपये की राशि पीड़ित वादी को दिए जाने का आदेश सुनाया गया है।
अभियोजन अधिकारी कृष्ण मुरारी जौहरी ने बताया कि मामले में सासनीगेट क्षेत्र के सरा भट्ट लड़िया निवासी रियाज ने नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनकी बहन रेशमा अपने पति ताजुद्दीन के साथ कोतवाली क्षेत्र के ठाकुर वाली गली में किराये के मकान में रहती थीं।
26 अगस्त 2019 की सुबह 8:40 बजे मकान मालिक चांद ने आकर बताया कि बहन को उसके पति ने कमरे में बंद करके लहूलुहान कर दिया है। वह भी कमरे में नशे की हालत में पड़ा है। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो रेशमा मरणासन्न थीं। मलखान सिंह जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। कमरे में बेड सीट, तकिया पर खून लगा था और मौके पर खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया गया था। पूछताछ में आरोपित ने बताया था कि उसकी पत्नी से विवाद होता था। वह उसकी सुनती नहीं थी। मना करने के बावजूद इधर-उधर फोन करती थी। इसलिए नींद में उसके साथ यह वारदात की।
मुंह में कपड़ा ठूसा और गर्दन रेतने के बाद पेट और सीने में भी वार किया। इसके बाद उसने भी नींद की गोली खा ली, जिसके बाद उसे होश नहीं रहा। सत्र परीक्षण में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध होने के बाद ताजुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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