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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोरोना के कहर के बाद अब एएमयू में टीकाकरण पर जोर Aligarh news

By Anil KushwahaEdited By:
Published: Mon, 10 May 2021 09:25 AM (IST)Updated: Mon, 10 May 2021 09:45 AM (IST)

एएमयू में कोरोना से हुई जनहानि ने सभी को हिलाकर रख दिया है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में शायद ही कभी ...और पढ़ें

मेडिकल कालेज के एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट मे वैक्सीनेशन लगवाने के लिए लगी लाइन।
मेडिकल कालेज के एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट मे वैक्सीनेशन लगवाने के लिए लगी लाइन।

अलीगढ़, जेएनएन ।  एएमयू में कोरोना से हुई जनहानि ने सभी को हिलाकर रख दिया है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में शायद ही कभी एक साथ इतनी मौत हुई हों। हर कोई अब कोरोना के संक्रमण से बचने के उपाय खोज रहा है। कैंपस में सबसे अधिक जोर अब टीकाकरण पर दिया जा रहा है। आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। ये बात भी सही है कि एएमयू में टीकाकरण बहुत कम हुआ है। जो लोग टीका लगने के बाद संक्रमित हुए वो ठीक भी सबसे जल्दी हुए।

संक्रमण से बचने को टीका जरूरी

सर सैयद अहमद खान ने अपने समय में फैली चेचक की बीमारी से निपटने के लिए लोगों को टीका के लिए प्रेरित किया था। लेकिन कोरोना की महामारी में दुनिया को ज्ञान से रोशन करने वाले सर सैयद के चमन के ज्ञानदाता ही इससे वंचित रह गए। हेल्थ विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी में टीका लगवाने के लिए जितने भी सत्र लगवाए वो अपेक्षा अनुरूप नहीं रहे। सीएमओ को इसके लिए मेडिकल कालेज प्रशासन को पत्र तक लिखने पड़े। लेकिन एएमयू से जुड़े लोग अब कोई चूक करना नहीं चाहते। इस लिए टीका लगवाने के लिए जानकारी कर रहे हैं। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने भी यूनिवर्सिटी बिरादरी से अपील की है कि वह टीका जरूर लगवा लें। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है। 

कई लोगों का चल रहा इलाज

एएमयू व मेडिकल कालेज से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, डाक्टरों का जेएन मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी के अनुसार बीमार लोगों की संख्या 12 से 15 हो सकती है। फिलहाल सभी ठीक हैं। सभाी को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। 

छात्र नेता ने की सीबीआइ जांच की मांग

एएमयू में कोरोना से हुई शिक्षकों की मौत से हर कोई दुखी है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा है जेएन मेडिकल कालेज में किसी चीज की कमी नहीं है। इलाज की पूरी व्यवस्था है फिर भी मौत हो रही हैं। इसके पीछे कहीं न कहीं लापरवाही है। कहा प्रोफेसर किसी भी यूनिवर्सिटी की रीढ़ की हड्डी होता है और उसके साथ ऐसा होना कहीं न कहीं सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। कहा सरकार से मांग करता हूं इसकी सीबीआइ जांच कराई जाए। जो भी दोषी मिले उसे सख्त सजा दी जाए।