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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2011 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रदेश बंटवारे के खिलाफ उतरे टीकम सिंह, दिखाए बागी तेवर

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Published: Sat, 19 Nov 2011 09:56 PM (IST)Updated: Sat, 19 Nov 2011 09:59 PM (IST)

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वरिष्ठ संवाददाता, अलीगढ़ : खटीक महासंघ के सहारे राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं के साथ कदमताल करके विधानसभा पहुंचने का ख्वाब संजोये टीकम सिंह सूर्यवंशी ने बागी तेवर अपना लिए हैं। वे प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव के सख्त खिलाफ हैं और रालोद के बसपा के समर्थन के विरोध में। बकौल टीकम सिंह, प्रदेश को चार हिस्सों में बांट देने से विकास नहीं होगा। विकास होगा नीयत से। भ्रष्टाचार रोकने से। बंटवारे से सिर्फ नुकसान होगा, वो भी दलितों और मुसलमानों का।

बिल्लू चौहान हत्याकांड के बाद अचानक सुर्खियों में आए अखिल भारतीय खटीक महासंघ के अध्यक्ष टीकम सिंह सूर्यवंशी कुछ महीनों से रालोद नेताओं के संपर्क में थे। उनकी ख्वाहिश रालोद के टिकट पर खैर सुरक्षित विधानसभा का चुनाव लड़ने की थी। मांग पूरी नहीं होते देख टीकम सिंह ने रालोद प्रमुख पर ही हमला बोल दिया है। कहा, छोटे राज्य बने तो भी छोटे चौधरी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।

सूत्रों की मानें तो टीकम सिंह अब सपा के एक एमएलसी के संपर्क में हैं। उनका इरादा 'साइकिल की सवारी' का है। वे हाथरस सदर से प्रत्याशी भी हो सकते हैं। प्रदेश बंटवारे के खिलाफ टीकम सिंह के बदले सुर उसकी पुष्टि भी करते हैं। वे दलील देते हैं कि बंटवारे से पूर्वाचल में ब्राह्मण-ठाकुर, अवध में यादव, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और बुंदेलखंड में बुंदेलों का राज होगा। दलित और मुस्लिम तो घाटे में रहेंगे।

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