Woman Empowerment: झांसी की महिलाएं ब्रज में कर रहीं ग्राम संगठनों का गठन
Woman Empowerment गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया जा रहा है। पांच समूहों को मिलाकर एक ग्राम संगठन का होगा गठन। समूहों को ग्राम संगठन में परिवर्तित करने के लिए एनआरएलएम की ओर से झांसी की महिलाओं को मथुरा बुलाया गया है।

आगरा, जेएनएन। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के प्रति जागरूक करने झांसी से 16 महिलाओं का एक दल मथुरा आया है। दो-दो महिलाओं की टीम अलग-अलग गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को ग्राम संगठन के फायदे गिना रही है। दल जिले में दस दिन तक अलग-अलग गांव में ठहर महिलाओं को प्रोत्साहित करेंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से गांव-गांव समूहों का गठन किया गया है। अभी समूह छोटे कार्य कर रहे थे। इन समूहों को ग्राम संगठन में परिवर्तित करने के लिए एनआरएलएम की ओर से झांसी की महिलाओं को मथुरा बुलाया गया है। यह महिलाएं जिले के तीन विकास खंड राया, मथुरा और बलदेव के अलग-अलग गांव में एक-एक रात रुक रही हैं।
समूह का गठन कर चुकी महिलाओं को एक स्थान पर एकत्र कर उन्हें ग्राम संगठन के फायदे बताए जा रहे हैं। झांसी की महिलाओं का कहना है कि अभी तक हम बजट के अभाव में कोई बड़ा कार्य नहीं कर पाते हैं। जब पांच से सात समूह एकत्रित होकर कार्य करेंगे, तो माल भी अधिक बनेगा। बजट भी अधिक एकत्रित होगा। उसका लाभ भी अधिक मिलेगा। भविष्य में ग्राम संगठन क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के लिए भी आवेदन कर सकेगा। भविष्य में समूहों के माध्यम से बड़े स्तर पर कार्य किया जाना है।
हर ग्राम संगठन का होगा अध्यक्ष
जिला मिशन प्रबंधक अजीत तिवारी ने बताया कि जितने भी ग्राम संगठन बनाए जाएंगे। उनमें एक समिति का गठन होगा। इसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष आदि सभी पद होंगे। एक ग्राम संगठन में पांच समितियों का गठन होगा। जिसमें क्रय समिति, लाेन समिति, मानिटरिंग समिति, वित्त समिति, सांस्कृतिक कम्युनिटी समिति होगी। इन सभी में पांच से सात समूह की महिलाओं को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सभी की बराबर जिम्मेदारी तय होगी।
एनआरएलएम देगा मानदेय
जिला मिशन प्रबंधक सतेंद्र अनुरागी ने बताया कि झांसी से आए महिलाओं के दल को एनआरएलएम सात-सात सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय देगा। यह महिलाएं झांसी में ग्राम संगठन का संचालन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम संगठन की एक नियमावली है, उसी के अनुसार संगठन कार्य करेंगे।
ब्रज में समूह कर रहे यह कार्य
अभी तक मथुरा में 2200 समूहों का गठन हो चुका है। इनमें से अधिकांश समूह पोशाक, कंठी माला, अचार, मसाला, खिलाैना, आर्टीफिशियल ज्वैलरी, टेडीवेयर, कांच के शोपीस आदि बनाने का काम कर रहे हैं। झांसी से आया दल इन्हीं कार्यों को बड़े स्तर पर करने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित कर रहा है।
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