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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Well of Liquor: आगरा के एक गांव में मिला शराब का कुआं, पढ़ें- पुलिस तफ्तीश की हैरान करने वाली कहानी

By Prateek GuptaEdited By:
Published: Thu, 10 Dec 2020 03:08 PM (IST)Updated: Fri, 11 Dec 2020 07:08 AM (IST)

आगरा के बाह थाना क्षेत्र के चौसिंगी गांव में शराब तस्कर का खेल। सेप्टिक टैंक को 40 फीट गहरे कुएंं ...और पढ़ें

बाह क्षेत्र में शातिर ने शराब भंडारण के लिए कुआं खोद डाला।
बाह क्षेत्र में शातिर ने शराब भंडारण के लिए कुआं खोद डाला।

आगरा, जागरण संवाददाता। शराब के शौकीन महज कल्‍पना कर सकते हैं कि काश मेरे पास शराब का कुआं होता। जैसा सपना फिल्‍म हेराफेरी में बाबू राव (परेश रावल) ने सोच डाला था। आगरा में एक शातिर ने हकीकत में शराब के कुआं खोद डाला। जहां गांवों में लोग पानी के लिए कुआंं खोदते हैं और हैंडपंप लगवाते हैं। मगर, बाह के चौसिंगी गांव में कुछ ऐसा हुआ जिसने पुलिस और ग्रामीणों दोनों को हैरानी में डाल दिया।

तस्कर ने शराब के शौकीनों के लिए 40 फीट गहरा कुआं खोद डाला। इसमें देशी शराब के पौवे भर दिए। पीने के शौकीन इस कुएंं पर आते और कीमत चुका कर शराब ले जाते थे। पुलिस ने बुधवार को तस्करी के आरोपित को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में गांव बने शराब के कुएंं का पता चला। पुलिस ने कुएंं से देशी शराब की 45 पेटियां बरामद कीं।

पिनाहट पुलिस ने मंगलवार की रात को भदरौली के पास चेकिंग के दौरान कार सवार दो युवकों को तस्करी की शराब के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम टिंकू निवासी चौसिंगी बाह और धर्मेंद्र निवासी कन्हेरा बासौनी बताया। आरोपितों की कार से पुलिस ने सात पेटी देशी शराब बरामद की थी। टिंकू ने पूछताछ में बताया कि वह शराब को तस्करी करके लाने के बाद गांव में पीने के शौकीन लोगों को बेचता है। ठेके से कम दाम पर बेचने के चलते उसकी अच्छी कमाई होती हैै।

इस पर पुलिस ने उससे तस्करी की शराब छिपाने के ठिकाने के बारे में पूछा। वह पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती दिखाने पर टिंकू ने घर के पास शराब के लिए कुआ खोदने की जानकारी दी। आरोपित ने बताया कि उसने सेप्टिक टैंक की आड में शराब के लिए 40 फीट गहरा संकरा कुआंं खोद दिया था। इसमें शराब की पेटियां छिपाकर रखता था। पीने के शौकीन लोगों उसने रस्सी में कांटा बांध रखा था। उसे कुएं में डालकर पेटी बाहर निकालता था। जब चुनाव या त्‍योहार के दौरान शराब की दुकानें बंद रहती थीं, उस दिन भी यह मुंहमांगी कीमत पर शराब बेचकर चांदी काट रहा था।