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    UP Government 2022: कैबिनेट मंत्री बने योगेंद्र उपाध्याय, पर्दे के पीछे अनुकूल रहे इस बार समीकरण, श्रीकांत शर्मा हटे-रामवीर हारे

    By Abhishek SaxenaEdited By:
    Updated: Sat, 26 Mar 2022 11:25 AM (IST)

    UP Government 2022 लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए ब्राह्मण चेहरे के रूप में भाजपा ने ब्रज में योगेंद्र उपाध्याय को आगे बढ़ाया है ऐसा माना जा रहा है। योगेंद्र तीसरी बार विधायक बने हैं। दूसरी पारी में उन्हें भाजपा विधानमंडल दल का सचेतक बनाया था।

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    योगेंद्र उपाध्याय को सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

    राजीव शर्मा, आगरा। कहा जाता है समय से पहले कभी किसी को कुछ नहीं मिलता। आगरा दक्षिण सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए योगेंद्र उपाध्याय के बारे में भी ऐसा ही कुछ है। कड़े संघर्ष के बाद वह योगी सरकार की 2.0 की कैबिनेट में जगह पाने में कामयाब हुए। पिछली योगी सरकार में भी उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीदें थीं लेकिन समीकरण अनुकूल नहीं रहे।

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    ब्राह्मण कोटे से विधायक

    ब्राह्मण कोटे से इस बार ब्रज में मैदान खाली मिला। मथुरा से विधायक चुने गए श्रीकांत शर्मा दूसरी बार योगी मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना सके। चुनाव से कुछ समय पहले ही भाजपा में आए रामवीर उपाध्याय हाथरस की सादाबाद सीट से चुनाव हार गए। ऐसे में योगेंद्र उपाध्याय को ब्राह्मण चेहरे के रूप में स्थापित होने का बेहतर मौका मिला।

    बसपा सरकार में मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय का चुनावी क्षेत्र भले ही हाथरस रहा है लेकिन वे आगरा-अलीगढ़ मंडल में ब्राह्मण चेहरे के रूप में बड़े नेता रहे हैं। उनकी पत्नी बीते साल जिला पंचायत के चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हो गई थीं। वह 2022 के विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले ही भाजपा में आए। वह सादाबाद सीट से चुनाव लड़े लेकिन रालोद के प्रदीप कुमार सिंह से चुनाव हार गए।

    प्रदीप कुमार को 43.25 फीसद और रामवीर उपाध्याय को 40.6 फीसद वोट मिले थे। वे 6,437 वोट से चुनाव हारे थे। इधर, 2017 से 2022 में मथुरा सीट से अधिक वोटों से जीतने वाले श्रीकांत शर्मा किन्हीं कारणों से मंत्रिमंडल से दूर रह गए। इन परिस्थितियों में 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए क्षेत्र में ब्राह्मण चेहरे की जरूरत थी।

    खाली मैदान को भरने के लिए बेहतर विकल्प

    इस खाली मैदान को भरने के लिए योगेंद्र उपाध्याय बेहतर विकल्प थे। उनकी दावेदारी भी मजबूत थी। मगर, समय अनुकूल नहीं था। इस बार समय और समीकरण उनके अनुकूल थे, जिसके चलते उनके सिर कैबिनेट मंत्री का ताज सजा।

    - ब्राह्मण नेता के रूप में 2024 के लोकसभा चुनाव में ब्राह्मणों को साधने का प्रयास

    - भरोसेमंद और कर्मठ कार्यकर्ता के बहाने अन्य कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास

    - समस्याओं के समाधान के लिए एक जूझारू नेता के रूप में बनाई पहचान योगेंद्र उपाध्याय

    वर्ष           मिले वोट        वोट फीसद

    2012         74,324          37.8

    2017         1,11,882       51.5

    2022         1,09,262      52.39

    श्रीकांत शर्मा

    2017 में 1,43,361 वोट मिले

    2022 में 1,58,859 वोट मिले