UP Board Exams 2023: बाहरी विद्यार्थी हो जाएं सावधान, यूपी बोर्ड में इस बार आवेदनों पर रहेगी विशेष नजर
UP Board Exams 2023 यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा फार्म से जुडा मामला। बाहरी विद्यार्थियों के आवेदनों पर विशेष नजर होगी गहन पड़ताल। जिले के सभी राजकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रपत्र समय पर जमा कराएं।

आगरा, जागरण संवाददाता। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के फार्म भर चुके हैं। बोर्ड अब भर गए आवेदनों की नामावली अपने यहां जमा करा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा नजर उन बाहरी विद्यार्थियों के आवेदनों पर है, जिन्होंने दूसरे बोर्ड या राज्य से आकर आवेदन किया है।
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सभी स्कूलाें को निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2023 में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की फोटोयुक्त नामावली, कोषपत्र (ट्रेजरी चालान) की मूल प्रति और आनलाइन अपलोड किए गए चालान की प्रति के साथ 10 बाहरी विद्यार्थियों के अनुमति पत्र की प्रति और अन्य सभी आवश्यक कागजात सहित कक्षा नौवीं और 11वीं के आनलाइन अग्रिम पंजीकरण से जुडे सभी प्रपत्र की दो प्रतियां 28 अक्टूबर तक शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कालेज में निर्धारित प्रारूप पर सूचना के साथ जमा कराएं। इनमें बाहरी विद्यार्थियों के आवेदनों को सख्ती से जांचा जाएगा।
बिना अनुमति रद होंगे आवेदन
बाहरी विद्यालयों के आवेदन जमा कराने को लेकर बोर्ड के नियम स्पष्ट है। यह आवेदन एक कक्षा में 10 से अधिक नहीं होंगे। सभी आवेदनों को भरवाने से पहले जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुमति लेनी होगी। ऐसा न होने पर बोर्ड स्तर से उन्हें रद किया जा सकता है। पहले भी अनुमति या अन्य जानकारी के अभाव में बोर्ड ऐसे विद्यार्थियों के प्रवेश-पत्र रोक चुका है।
लापरवाही पड़ेगी भारी
उन्होंने चेतावनी दी है कि उक्त तिथि तक पत्रावलियां जमा न होने पर इसे बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न करने का दोषी मानते हुए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की संस्तुति की जाएगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी।
अभी गति है सुस्त
मंगलवार को पत्रावली जमा कराने का दूसरा दिन था, लेकिन कालेज प्रधानाचार्य अभी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे। यही कारण है कि मंगलवार तक सिर्फ 30 से 35 विद्यालयों के ही कागजात जमा हो पाए हैं, जबकि जिले में 43 राजकीय, 109 सहायता प्राप्त और 755 वित्तविहीन विद्यालय हैं।
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