आगरा, जागरण संवाददाता। इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल की जमीन खरीद में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) कार्यालय, आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआइडीए) कार्यालय के 18 अफसरों और कर्मचारियों ने खूब मलाई खाई है। रोड से 15 से 25 मीटर की दूरी पर स्थित जमीन को मुआवजा देने के दौरान रोड के ठीक किनारे दिखा दिया गया है। किसानों को 688 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बदले 900 रुपये तक दिए गए हैं। इनर रिंग रोड के तीन चरणों के लिए एक हजार हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण किया गया। यह जमीन रहनकलां, गुतिला, देवरी, रायपुर, एत्मादपुर मदरा, रायपुर सहित अन्य गांवों में है।

जमीन को लेकर जो भी शिकायतें आईं, अफसरों ने उन्हें नजरअंदाज किया। 50 से अधिक किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि एसएलओ जेपी सिंह सहित दस अफसरों और कर्मचारियों, एडीए के छह कर्मचारियों और यूपीएसआइडीए के दो कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है।

तहसील सदर में भूख हड़ताल पर बैठे किसान, हंगामा

इनर रिंग रोड की जमीन खरीद में हुए घोटाले में कार्रवाई न होने से नाराज किसानों की भूख हड़ताल जारी रही। किसानों के समर्थन में कांग्रेस, आलू उत्पादक किसान समिति, तहसील सदर बार एसोसिएशन, सिस्टम सुधार संगठन सहित अन्य संगठन के पदाधिकारी आ गए हैं। किसान नेता श्याम सिंह ने पानी पीना छोड़ दिया है। डाक्टरों की टीम श्याम सिंह की तबीयत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। वहीं तहसील सदर के अफसरों और एडीएम सिटी डा. प्रभाकांत अवस्थी ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसान नेता श्याम सिंह ने कहा कि अफसरों ने किसानों के साथ धोखा किया है। गुतिला में धरना खत्म कराने के लिए लाठी चार्ज तक किया गया। अफसरों ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सावित्री चाहर ने कहा कि अफसरों ने किसानों के साथ हर पल छल किया है। इन्हें सजा मिलनी चाहिए। 

Edited By: Prateek Gupta