आगरा, निर्लोष कुमार। पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ पर्यटन उद्योग की गाड़ी पटरी पर लौटने की उम्मीद कर रहे पर्यटन कारोबारियों को जोर का झटका लगा है। वर्ष 2020 व 2021 में कोरोना वायरस के संक्रमण की लहर के चलते विदेशी मेहमानों के दर्शन को तरसे उद्यमियों को उम्मीद थी कि 2019 की अपेक्षा इस वर्ष 50 प्रतिशत तक विदेशी मेहमान आना शुरू हो जाएंगे। एडवांस बुकिंग की स्थिति निराशाजनक है। दिसंबर तक 20 प्रतिशत और मार्च तक 30 प्रतिशत विदेशी मेहमानों के आगमन की उम्मीद कारोबारी जता रहे हैं।

कोरोना के बाद ये वजह बनी कारण

वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या तय होने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान और वीजा पर रोक लगी थी। वर्ष 2021 में सरकार ने एयर बबल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू किया। पर्यटक वीजा को बंद रखा गया।

मार्च, 2022 में केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर लगे एयर बबल को हटाने के साथ वीजा सुविधा की शुरुआत की। अभी तक ब्रिटेन और कनाडा के लिए आनलाइन टूरिस्ट वीजा की सुविधा शुरू नहीं की गई है, इससे यहां रहने वाले अप्रवासी भारतीय यहां नहीं आ पा रहे हैं।

इसके साथ ही वर्तमान में जो अंतरराष्ट्रीय उड़ान हैं, उनका किराया बहुत अधिक होने से विदेशी मेहमान यात्रा करना पसंद नहीं कर रहे हैं। यूरोप व अमेरिका में छाई मंदी के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध के असर के चलते मेहमान यहां नहीं अा पा रहे हैं।

विदेशी पर्यटकों की एडवांस बुकिंग की स्थिति अच्छी नहीं है। 2019 से तुलना करें तो इस वर्ष दिसंबर तक के लिए केवल 20 प्रतिशत बुकिंग हैं। इसके मुश्किल से मार्च तक 30 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंचने की उम्मीद है। -राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष ली पैसेज टू इंडिया

रूस-यूक्रेन युद्ध, यूरोप व अमेरिका में मंदी, आगरा की छवि खराब होने से पर्यटक यहां आने से बच रहे हैं। एडवांस बुकिंग की स्थिति बहुत निराशाजनक है। उप्र सरकार व केंद्र सरकार को पर्यटन को बढ़ावा देने को आक्रामक प्रचार करना चाहिए।

-राजीव सक्सेना, प्रबंध निदेशक संस्कृति वैकेशंस 

Edited By: Tanu Gupta

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