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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Fake Medicine Racket: आयकर की जांच शुरू, चेन्नई से नेपाल तक फैला नकली दवा का सिंडिकेट; 450 करोड़ का टर्नओवर

Published: Mon, 25 Aug 2025 07:27 AM (IST)

हे मां मेडिको की दुकान के साथ ही बंसल मेडिकल उसके गोदाम सहित पांच जगह सील लगाई गई हैं। पकड़े ...और पढ़ें

गिरफ्तार दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल l सौ. एसटीएफ
गिरफ्तार दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल l सौ. एसटीएफ

HighLights

  1. लखनऊ की फर्म के नाम 10 लाख के बिल पर पुडुचेरी की कंपनी ने भेजी थी 87 लाख रुपये की नकली दवा
  2. करोड़ की दवाएं हो चुकी हैं जब्त
  3. बंसल मेडिकल सहित पांच गोदाम सील
  4. राज्यों से लेकर बांग्लादेश तक फैला है नेटवर्क

जागरण संवाददाता, आगरा। नकली दवा सिंडिकेट के शनिवार रात हुए पर्दाफाश के बाद रविवार को सनसनीखेज जानकारियां सामने आईं। रिश्वत के एक करोड़ रुपये के साथ एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल से पूछताछ में सामने आया है कि नकली दवा का सिंडिकेट चेन्नई से नेपाल तक फैला हुआ है। दक्षिण के एक बड़े दवा माफिया के साथ मिलकर आगरा के दवा माफिया नकली दवा तैयार कर नेपाल, बांग्लादेश सहित 12 राज्यों में सप्लाई कर रहे थे।

शुक्रवार रात को लखनऊ के फर्म के नाम 10 लाख के बिल पर पुडुचेरी की कंपनी की 87 लाख रुपये की नकदी दवाइयां भेजी गई थीं। रविवार तक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि विभाग की टीम ने 3.37 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की हैं।

आधा दर्जन कंपनियों के नाम से नकली दवाइयों के बेचे जाने की शिकायत मिली थी

लखनऊ स्थित एसटीएफ मुख्यालय को आगरा थोक दवा बाजार में मल्टीनेशनल कंपनियों जाइडस, ग्लेनमार्क, सन फार्मा, सनोफी सहित आधा दर्जन कंपनियों के नाम से नकली दवाइयों के बेचे जाने की शिकायत मिली थी। दो महीने से एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम पूरे कारोबारी नेटवर्क का सुराग लगाने में जुटी थी। मुख्यालय से बस्ती के सहायक औषधि आयुक्त नरेश मोहन दीपक को भेजा गया था।

टीम ने ऑटो चालक को पकड़कर पूछताछ की

शुक्रवार रात टीम को सूचना मिली कि चेन्नई से ट्रेन के जरिए आई नकली दवाइयों की खेप आटो से बंसल मेडिकल और हे मां मेडिकल स्टोर भेजी जा रही है। टीम ने ऑटो चालक को पकड़कर पूछताछ की, जिसके बाद दोनों मेडिकल स्टोर और इनके गोदामों पर सील लगा दी। शनिवार सुबह टीम ने हे मां मेडिको से बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां पकड़ीं। संचालक हिमांशु अग्रवाल ने कार्रवाई रोकने के लिए एसटीएफ को एक करोड़ रुपये कैश की पेशकश की। शाम को हिमांशु अग्रवाल बैग में 500-500 रुपये की नोटों की गड्डियों से भरे तीन बैग लेकर बाइक से पहुंचा।

मशीनों से की नोटों की गिनती

टीम ने तभी उसे गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक मशीन से नोटों की गिनती चलती रही। पूछताछ के बाद हिमांशु अग्रवाल के गोदाम से बड़ी मात्रा में दवाइयां पकड़ी गई थीं। सहायक औषधि आयुक्त ने बताया, संचालक हिमांशु से पूछताछ में सामने आया है कि मीनाक्षी फार्मा पुडुचेरी के 10 लाख रुपये के बिल संग चेन्नई से नकली ऐलेग्रा-120 एमजी आगरा कैंट स्टेशन पर भेजी गई। पुडुचेरी में बड़ी संख्या में दवा निर्माण की फैक्ट्री हैं, इनमें नकली दवा बनाई जा रही हैं।

चेन्नई से ट्रेन से आगरा सप्लाई किया जाता है

दक्षिण के दवा माफिया राजा सिंह के साथ मिलकर नकली दवा का अवैध धंधा करने की आशंका है। इन दवाओं को चेन्नई से ट्रेन से आगरा सप्लाई किया जाता है। आगरा से दवा ट्रांसपोर्ट से नेपाल, बांग्लादेश, लखनऊ व दिल्ली, हरियाणा सहित 12 राज्यों में सप्लाई की जा रही हैं। सील की गई हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल और उसके गोदामों में करोड़ों की दवाएं हैं अभी कई दिन तक कार्रवाई चल सकती है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, 2022 में गुजरात में पकड़े गए हवाला नेटवर्क में हिमांशु का नाम आया था। आयकर विभाग की टीम जांच कर रही है। 

हे मां मेडिको का 450 करोड़ और बंसल का 350 करोड़ का है टर्नओवर

औषधि विभाग की जांच में सामने आया है कि कर्मयोगी, कमला नगर निवासी हिमांशु अग्रवाल की फर्म हे मां मेडिको का टर्नओवर 450 करोड़ रुपये है। मुबारक महल में दुकान है और मोती कटरा में कई गोदाम हैं। इन गोदामों में करोड़ों की दवा का स्टाक है। जबकि 15 वर्ष पहले मुबारक महल में छोटी दुकान थी। वहीं, गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल का 350 करोड़ का टर्नओवर है। दुकान इतनी छोटी है कि उसमें करोड़ों की दवा नहीं आ सकती हैं, मुख्य मार्ग पर एक बड़ा गोदाम है।