Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आसमान में उड़ते परिंदों की कतारें, पानी में तैरते झुंड... विदेशी पक्षियों से गुलजार हुआ सूर सरोवर

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:07 AM (IST)

    कीठम झील (सूर सरोवर पक्षी विहार) में सर्दियों के आगमन के साथ ही प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगा है। हजारों किलोमीटर दूर से आए ये पक्षी पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इस वर्ष रोजी पेलिकन, पेंटेड स्टार्क और सारस क्रेन जैसे कई विदेशी मेहमान पहुंचे हैं। वन विभाग इनकी सुरक्षा के लिए सतर्क है।

    Hero Image

    सूर सरोवर पक्षी विहार की झील में मौजूद पक्षी। सौ. वन विभाग

    संवाद सूत्र, जागरण-रुनकता। सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम झील) में सर्द हवाओं के साथ एक बार फिर प्रकृति का अनोखा उत्सव लौट आया है। हजारों किलोमीटर का सफर तय कर झील में आए प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट पर्यटकों का मनमोह रही है। हर सुबह आसमान में उड़ते परिंदों की कतारें, पानी में तैरते झुंड और पेलिकन के समूह द्वारा मछलियों का सामूहिक शिकार इन नजारों ने झील को आकर्षण का केंद्र बना दिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    sur pakshi

    कीठम झील में हजारों की संख्या में पहुंचे पक्षी

    इस वर्ष झील में रोजी पेलिकन,डालमेशन पेलिकन, पेंटेड स्टार्क, डार्टर, नर्थन शावलर, विश्लिंग टिल, काम डक, पलाश गुल्स, ब्लैक-नेक स्टार्क, ग्रे हार्न, सारस क्रेन, बार-हेडेड गूज़ जैसे मेहमान पहुंच चुके हैं। वन विभाग के अनुसार, पर्यटकों की पसंदीदा प्रजाति फ्लेमिंगो (राजहंस) का भी अगले कुछ दिनों में झील में पहुंचना शुरू हो जाएगा। जो सर्दियों के अंत तक यहीं रुकेंगे। फ्लेमिंगो हर वर्ष सबसे बाद में आते हैं और सबसे बाद में ही लौटते हैं।

    pelican


    वन विभाग की टीम ने तेज की निगरानी

    पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झील क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। हर साल झील में 90 से 100 प्रजातियों के पक्षी आते हैं जिसमें 25 विदेशी प्रजाति के पक्षी होते हैं। पिछले साल 30 हजार पक्षी आए थे।


    टावर नंबर एक तक जाने की अनुमति

    शोरगुल को रोकने के लिए तेज आवाज वाले वाहनों, लाउड म्यूजिक और हार्न पर रोक है। पर्यटकों को केवल टावर नंबर 1 तक जाने की अनुमति है। टावर नंबर 2, 3 और 4 को शांति बनाए रखने के उद्देश्य से बंद रखा गया है। पानी कम होने पर झील के भीतर उभरने वाले टापू निकल आते हैं।
    ---