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त्योहार से पहले बिगड़ा रसोई का बजट: चीनी के रेट में उछाल, आठ दिन में 10 Rs/ KG बढ़े, आगरा में आज का भाव

Published: Tue, 13 Oct 2026 09:54 AM (IST)

आगरा में त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में बड़ा उछाल आया है, आठ दिनों में दाम 10 रुपये प्रति ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. आगरा में आठ दिन में चीनी 10 रुपये महंगी हुई।

  2. थोक में 57-58 रुपये, फुटकर में 70 रुपये तक बिकी।

  3. त्योहारों से मांग बढ़ी, दिवाली तक 70 के पार संभव।

जागरण संवाददाता, आगरा। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आठ दिनों में चीनी के दाम करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। थोक बाजार में चीनी 57 से 58 रुपये किलो बिक रही है, जबकि फुटकर बाजार में अलग-अलग इलाकों में इसके दामों में अंतर देखने को मिल रहा है।

आवास विकास क्षेत्र में कई जगह चीनी 60 से 62 रुपये किलो मिल रही है, वहीं पचकुइयां के बाजार में इसके दाम 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। अचानक बढ़े दामों का असर अब लोगों की रसोई के बजट पर पड़ने लगा है। महिलाओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई इतनी बढ़ रही है, दाम बढ़ने से बजट और बिगड़ेगा।

पचकुइयां में 65-70 रुपये किलो बिक रही चीनी

व्यापार समिति नवीन गल्ला मंडी के अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि पिछले महीने चीनी के दाम 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। इसके बाद कीमतों में गिरावट आई, अब फिर तेजी का रुख है।त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ेगी इससे कीमतों पर और दबाव आएगा। यदि यही स्थिति रही तो दीपावली तक चीनी 70 के पार जा सकती है।
मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने बताया कि आठ दिन पहले चीनी करीब 50 रुपये किलो बिक रही थी। इसके बाद भाव बढ़कर 54 रुपये हुए और अब थोक बाजार में 57 से 58 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

कई कारणों से बढ़ी है कीमत

कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। युद्ध के कारण निर्यात आयात प्रभावित हो रहा है। साथ ही कई राज्यों में कम बारिश से वहां सूखा घोषित कर दिया गया। गन्ने की फसल ही नहीं हुई। ऐसे में सप्लाई भी प्रभावित हुई। एथेनॉ

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ल का उत्पादन को भी एक वजह है। व्यापारियों का कहना है कि स्टाक कम होने पर कुछ कारोबारी बिक्री रोक देते हैं और मांग बढ़ने पर नए भाव से बिक्री करते हैं।

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पहले ही खर्चा काफी बढ़ गया है। व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिस दाम में हमें चीनी मिलेगी हम तो उसी के अनुसार बेचेंगे। समय पढ़ने पर चीनी के उत्पाद के दाम भी बढ़ाएंगे।

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गोविंद, दुकानदार

महंगाई के कारण हर सामान सोच-समझकर खरीदना पड़ रहा है। चीनी के दाम ऐसे ही बढ़े तो रसाेई का बजट बहुत महंगा हो जाएगा। कहां तक कटौती की जाए।

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निर्मला देवी, गृहिणी