आगरा: SN मेडिकल कॉलेज में पहली बार मस्तिष्क में खून की नलिकाओं के गुच्छे का इलाज, किशोर को मिली नई जिंदगी
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं के गुच्छे (एवीएम) का सफल इलाज किया गया। ...और पढ़ें

HighLights
एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार एवीएम का सफल इलाज।
18 वर्षीय किशोर का एंडोवैस्कुलर एम्बोलाइजेशन से उपचार।
आयुष्मान योजना से मरीज का निःशुल्क उपचार संभव हुआ।
जागरण संवाददाता, आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पहली बार मस्तिष्क में खून की नलिकाओं के गुच्छा (एट्रियोवेनस मालफोर्मेशन,एवीएम) का इलाज किया गया। दो महीने पहले एवीएम से ब्रेन हेमरेज के कारण दौरे और एक हिस्से में कमजोरी की समस्या से जूझ रहे 18 वर्ष के किशोर का इलाज किया गया। सोमवार को छुट्टी कर दी गई।
18 वर्ष के किशोर को रक्तस्राव के कारण पड़ते थे दौरे, हुआ ठीक
एटा के रहने वाले 18 वर्ष के रवि को दो महीने पहले मस्तिष्क में रक्तस्राव (ब्रेन हेमरेज) हुआ था, इसके बाद से दौरे पड़ने के साथ ही शरीर के एक हिस्से में कमजोरी आ गई। न्यूरोसर्जन डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि किशोर की जांच में एवीएम की पुष्टि हुई, अधिकांश मामलों में यह जन्मजात बीमारी होती है। इसमें खून की नलिकाओं का गुच्छा बना होता है, 10 से 30 वर्ष की आयु में कभी भी मस्तिष्क में रक्तस्राव हो सकता है।
एंडोवैस्कुलर एम्बोलाइजेशन से ब्रेन एवीएम का किया गया इलाज
एसएन में पहली बार नोएडा के डा. अंशुल जैन के मार्गदर्शन में एंडोवैस्कुलर एम्बोलाइजेशन किया गया। इसमें एंजियोप्लास्टी की तरह पैर के रास्ते मस्तिष्क तक कैथेटर डालकर केमिकल से खून की नलिकाओं क के गुच्छे वाले हिस्से में रक्त प्रभाव रोका गया। इस तरह की सर्जरी बड़े केंद्रों पर ही होती है, निजी केंद्रों पर 12 से 15 लाख रुपये तक का खर्चा आता है और एम्बोलाइजेशन के बाद मरीज के ठीक होने की संभावना बहुत कम होती है।
आयुष्मान योजना से मरीज का फ्री इलाज
न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव धाकरे ने बताया कि आयुष्मान योजना से मरीज का निश्शुल्क इलाज किया गया। टीम में न्यूरोसर्जरी डॉ. तरुणेश शर्मा, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. मोहित मंगला, डॉ. अर्चना अग्रवाल, डॉ. लवप्रिया शर्मा शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में मरीजों का अत्याधुनिक इलाज किया जा रहा है।
