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    Say No To Plastic: आगरा के सीबीएसई स्कूलों में प्लास्टिक टिफिन बाक्स पर रोक, 153 विद्यालय में लागू होगा नियम

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Sun, 02 Jul 2023 03:29 PM (IST)

    Agra News In Hindi 153 सीबीएसई स्कूल प्लास्टिक मुक्त टिफिन की राह पर चलेंगे। तीन एसोसिएशनों ने किया निर्णय सदस्य स्कूलों के लिए जारी करेंगे सर्कुलर। प्लास्टिक की बोतल पर भी लगेगी पाबंदी शिक्षकों पर भी लागू होगा निर्देश। आगरा का एक स्कूल पिछले वर्ष शुरू कर चुका है प्लास्टिक फ्री टिफिन और बोतल की व्यवस्था। शिक्षिकों पर भी लागू है नियम।

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    Agra News: 153 सीबीएसई स्कूल प्लास्टिक मुक्त टिफिन की राह पर चलेंगे

    आगरा, प्रभजोत कौर/जागरण संवाददाता। आगरा शहर के सीबीएसई स्कूल प्लास्टिक मुक्त टिफिन की राह पर कदम बढ़ाएंगे। स्कूलों की तीन एसोसिएशनों ने यह निर्णय लिया है कि सत्र 2023-24 में छात्रों के साथ ही शिक्षकों द्वारा प्लास्टिक के टिफिन और बोतल लाने पर रोक लगाई जाएगी। तीनों एसोसिएशन सदस्य स्कूलों को सर्कुलर जारी करेंगी।

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    शहर में हैं 153 स्कूल

    सीबीएसई के 153 स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों पर तीन एसोसिएशन हैं, एसोसिएशन आफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स आफ आगरा(अप्सा), नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिशन (नप्सा), और वायज आफ स्कूल एसोसिएशन( वोसा)। अप्सा से 51 स्कूल, नप्सा से 72 और वोसा से 68 स्कूल जुड़े हैं। इनमें से कई स्कूल हैं, जो एक से अधिक एसोसिएशन से जुड़े हैं। तीनों एसोसिएशनों ने यह निर्णय लिया है कि सदस्य स्कूलों में प्लास्टिक टिफिन लाने पर रोक लगाई जाएगी।

    15 को बैठक कर जारी होगा पत्र

    अप्सा के अध्यक्ष डा. सुशील गुप्ता ने बताया कि हम 15 जुलाई को बैठक करने वाले हैं, जिसमें यह निर्देश पत्र जारी किया जाएगा। नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर ने बताया कि प्लास्टिक के टिफिन में खाना हानिकारक है। छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि वे प्लास्टिक के टिफिन में खाना न लाएं। वोसा के अध्यक्ष डा. राहुल राज ने बताया कि वे सभी स्कूलों को पत्र जारी कर चुके हैं। सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। समय लगेगा लेकिन सफलता मिलेगी।

    एक स्कूल कर चुका है पहल

    बल्केश्वर स्थित गणेश राम नागर सरस्वती शिशु मंदिर में पिछले साल ही यह पहल शुरू कर दी है। स्कूल में प्लास्टिक की बोतल में पानी और टिफिन में खाना लाने पर पाबंदी है। अगर कोई बच्चा पाबंदी के बाद भी प्लास्टिक की बोतल या टिफिन लाता है तो उसे स्कूल प्रशासन द्वारा जब्त कर लिया जाता है। यह पाबंदी शिक्षकों पर भी लागू होती है।

    मिल जाते हैं हानिकारक तत्व

    चिकित्सक डा.एके गुप्ता ने बताया कि स्कूल सुबह 7:20 के होते हैं लेकिन बच्चे घर से 6:30 बजे तक निकल जाते हैं। मां बच्चाें का टिफिन सुबह छह बजे तक तैयार कर देती हैं। स्कूलों में इंटरवल 10:30 बजे होता है। करीब तीन से चार घंटे तक खाना बंद रहता है। गर्म खाना प्लास्टिक के टिफिन में बंद रखने से उसमें हानिकारक तत्व मिल जाते हैं। जिस वजह से पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी आदि की समस्या हो सकती है।