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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: हनीमून पर पति को किया दूर, बोली, पसंद नहीं तुम्हारा घर और मुहल्ला, परिवार न्यायालय ने दिए ये आदेश

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Mon, 07 Aug 2023 06:51 AM (IST)

Agra News In Hindi हनीमून पर पत्नी ने नहीं आने दिया करीब विवाह विच्छेद के आदेश। पति की याचिका पर ...और पढ़ें

Agra News:हनीमून पर पत्नी ने नहीं आने दिया करीब, विवाह विच्छेद के आदेश
Agra News:हनीमून पर पत्नी ने नहीं आने दिया करीब, विवाह विच्छेद के आदेश

HighLights

  1. दसवीं की रस्म के बाद नहीं लौटी युवती
  2. घर पर काम नहीं करती थी युवती
  3. जिम ट्रेनर से बातचीत करने का आरोप

आगरा, जागरण संवाददाता। शादी के बाद हनीमून पर गए पति को पत्नी ने अपने करीब नहीं फटकने दिया। घर लौटने पर पति से कहा कि तुम्हारा घर-मोहल्ला और शहर पसंद नहीं है। पत्नी के रवैये से परेशान पति ने परिवार न्यायालय में विवाह विच्छेद को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया। अपर परिवार न्यायाधीश तृतीय प्रदीप कुमार मिश्रा ने पति द्वारा प्रस्तुत याचिका स्वीकृत कर विवाह विच्छेद करने के आदेश दिए।

2018 में हुयी थी शादी

रेलवे में कार्यरत कमला नगर के रहने वाले वरुण गौतम ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत विवाह विच्छेद की याचिका परिवार न्यायालय में प्रस्तुत की थी। उनकी शादी जून 2018 में जयपुर की रहने वाली युवती हुई थी। वह पत्नी के साथ तीन जुलाई को हनीमून मनाने मसूरी गए थे। वहां नवदंपती घूमे-फिरे, लेकिन पत्नी ने उन्हें पास नहीं आने दिया। घर लौटने पर कारण पूछा तो पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया। आठ जुलाई को वह दसई की रस्म के लिए मायके चली गई। पति एक सप्ताह बाद लेने गए तो पत्नी ने आने से मना कर दिया। कहा कि तुम्हारा घर, मोहल्ला और शहर पसंद नहीं है।

जयपुर में रहने का बनाया दबाव

वादी पर जयपुर में रहने का दबाव बनाया। दिसंबर 2018 में जेवरात लेकर मायके जयपुर चली गई। वहां वादी के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का अभियोग दर्ज करा दिया। वादी द्वारा अपने अधिवक्ताओं शैलेंद्र पाल सिंह और शुभम पाल सिंह के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की गई थी। अपर परिवार न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने वाद स्वीकृत कर विवाह विच्छेद के आदेश पारित कर प्रतिवादनी के भरण पोषण हेतु वादी से उसे एकमुश्त छह लाख रुपये दिलाने के आदेश दिए।

पति ने डाक से भेजा तलाक और मेहर का चेक

शौहर ने पत्नी को डाक से तीन तलाक और मेहर की रकम का चेक भेज दिया। यह देख बीवी के पैरों तले की जमीन खिसक गई। उसने शौहर काे मनाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। पीड़िता द्वारा परिवार परामर्श केंद्र में गुहार लगाने पर शौहर के विरुद्ध अभियोग दर्ज करने के आदेश किए गए हैं।वहीं,काउंसलिंग के बाद 12 जोड़ों में सुलह हो गई। परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को पीड़िता अपने स्वजन के साथ पहुंची। काउंसलर काे बताया कि निकाह के चार वर्ष हुए हैं। शौहर अधिवक्ता हैं। दो बेटी हैं। तीसरी बार मां बनने का पता चलने पर उपचार के लिए अल्ट्रासाउंड कराया था।

किसी तरह शौहर को पता चल गया कि कोख में तीसरा बच्चा भी बेटी है। उसका रवैया बदल गया। दहेज की मांग और उत्पी़ड़न करने लगा। उसके द्वारा मारपीट करने से गर्भपात हो गया। शौहर ने उसे घर से निकाल दिया। मायके में रह रही थी।

पीड़िता ने काउंसलर को बताया कि शौहर ने पिछले दिनों उसे डाक से तीन तलाक और मेहर की रकम भेज दी। परिवार के लोगों ने शौहर को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। काउंसलर ने शौहर को बुलाया था। वह नहीं आया। मामले में काउंसलर ने तीन तलाक के आरोपित शौहर के विरुद्ध अभियोग दर्ज करने के आदेश दिए। वहीं, परिवार परामर्श केंद में काउंसलिंग के बाद 12 जोड़ों में सुलह हो गई।