जागरण टीम, आगरा। महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए बुधवार से ही बटेश्वर में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी है। देर शाम तक एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइन कांवड़ियों की लग चुकी थी। हर-हर बम के जयघोष से तीर्थ नगरी गूंज उठी।

सोरों से कांवड़ में गंगाजल भर कर मध्य प्रदेश के भिड, मुरैना, राजस्थान के धौलपुर, राजाखेड़ा, इटावा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, फतेहाबाद, शमशाबाद और बाह क्षेत्र के शिवभक्त बुधवार को ही बटेश्वर मंदिर परिसर पहुंच गए। कावड़िया गुरुवार को ब्रह्मलाल जी महाराज का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। मंदिर के महंत जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कांवड़ियों के लिए मध्य रात्रि एक बजे से मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि की तैयारी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था देखने पहंचे सीओ बाह

बुधवार दोपहर को बटेश्वर मंदिर और घाटों पर सीओ बाह प्रदीप कुमार ने सुरक्षा का जायजा लिया। बटेश्वर मंदिर ट्रस्ट के कर्मियों को सीसीटीवी कैमरे, साउंड और मंदिर के अंदर रस्सी की बेरीकेडिंग करने के निर्देश दिए। सीओ ने बताया कि कावड़ियों की संख्या अधिक होने पर पुलिस ने टोकन व्यवस्था की है। गुरुवार को बड़े वाहनों को बटेश्वर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक कुंतल की कांवड़ लेकर चल रहे कावड़िए

जागरण टीम, आगरा। भोले बाबा सेवा समिति खाड़ा के भंडारे में बुधवार को पहुंची कांवड़ियों की टोली पर एक कुंतल की कांवड़ देख लोग चकित रह गए।

बरहन के गांव खाड़ा स्थित आगरा जलेसर मार्ग सैयद पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भोले बाबा सेवा समिति खाड़ा ने शिव भक्तों के लिए भंडारा लगाया है। जहां, समिति के लोग कासगंज से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ियों के लिए भंडारा का आयोजन कर रहे हैं। बुधवार को जयपुर राजस्थान के निवासी शिव कुमार सिंह और उनके सहयोगी रविद्र पाल सिंह साथियों संग एक कुंतल की कांवड़ लेकर आगरा जलेसर मार्ग सय्यद भंडारे पर पहुंचे। उनके पास एक कुंतल की कांवड़ देखकर लोग चकित रह गए। कांवड़ लेकर चल रहे शिव कुमार सिंह ने बताया कि एक कुंतल की इस कांवड़ को सोरों से राजस्थान के सहपऊ स्थित भोले बाबा मंदिर तक ले जाया जाएगा। वहां महाशिवरात्रि को भगवान शिव का जलाभिषेक होगा। इसे ले जाने में 15 लोग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांवड़ में 90521 पवित्र गंगाजल से भरे सागर लगे हुए हैं।

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