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    बहन की गवाही से भाई के हत्यारे को उम्रकैद! 8 साल पहले हुई थी 9 वर्षीय बालक की गला रेतकर हत्या

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:56 AM (IST)

    आगरा में आठ साल पहले एत्माद्दौला थाने के पास एक नौ वर्षीय बच्चे की गला काटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने पूर्व किरायेदार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फिंगर प्रिंट और खून की रिपोर्ट के साथ-साथ बहन की गवाही ने दोषी को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चे की हत्या उस समय की गई जब वह घर पर अकेला था, और पूर्व किरायेदार चोरी के इरादे से घर में घुसा था।

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    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, आगरा। एत्माद्दौला थाने की दीवार से सटे घर में आठ साल पहले नौ वर्षीय बच्चे की ब्लेड से गला काटकर निर्मम हत्या में पूर्व किरायेदार को अदालत ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये से दंडित किया है। सजा में फिंगर प्रिंट और खून की रिपोर्ट व बहन की गवाही प्रमुख रही। वारदात के बाद स्वजन ने थाने के सामने जाम लगाकर प्रदर्शन किया था।

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    एत्माद्दौला थाने के पास आठ वर्ष पहले ही हुई थी सनसनीखेज वारदात


    कटरा वजीर खां में रहने वालीं दीपांशी गौतम 17 नवंबर 2017 की शाम 5:20 बजे बेटी यशिका के साथ सीता नगर मंडी में सब्जी लेने के लिए गई थीं। कार्टून देखने के लिए नौ वर्षीय पुत्र क्रिश अकेला रह गया था। 25 मिनट बाद मां-बेटी जब घर लौटे तो क्रिश का शव घर में चादर और दरी में लिपटा मिला था। बच्चे की आरी के ब्लेड से गला काटकर निर्मम हत्या की गई थी।

    बेटी यशिका ने पूर्व किरायेदार आयुष शर्मा निवासी मोती बाग जमुना ब्रिज को घर से निकलते देखे जाने और उसका हाथ खून से लाल होने की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने आयुष शर्मा को गिरफ्तार किया। निशानदेही पर खून के छींटे युक्त जैकिट व जूते बरामद किए थे।

    चोरी के लिए घर में घुसे पूर्व किरायेदार ने ब्लेड से काट दिया था गला

    एडीजीसी योगेश कुमार बघेल द्वारा वादी मुकदमा मां दीपांशी गौतम, पिता अमर गौतम, पुत्री यशिका के अलावा 14 गवाहों को अदालत में पेश किया। मुकदमे के विचारण के दौरान तथ्य उजागर हुआ कि आयुष चोरी के इरादे से घर में घुसा था। क्रिश ने उसे पहचान लिया था, इस पर उसने हत्या की। एडीजे 21 विराट कुमार श्रीवास्तव ने गवाहों के बयानों, फिंगर प्रिंट रिपोर्ट, आयुष की जैकेट और जूतों पर मिले खून के नमूनों के एक ही होने की रिपोर्ट के आधार पर आयुष को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

    मुकदमे में नामजद नहीं था आयुष


    घटना के संबंध में क्रिश की मां दीपांशी गौतम ने एत्माद्दौला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि घर के पड़ोस में सीट कवर की दुकान चलाने वाले सोनू से पति अमर गौतम का विवाद टेंपो खड़ा करने को लेकर होता था। सोनू आए दिन गाली गलौज करता था। उसी ने बेटे की गला काटकर हत्या की और दुकान बंद करके भाग गया। मां ने किरायेदार सुरेंद्र यादव पर भी हत्या का शक जताया था। जांच के बाद आरोपित सोनू और सुरेंद्र यादव नाम पुलिस ने निकाल दिया और चार्जशीट आयुष के खिलाफ कोर्ट में पेश की।