International Yoga Day: पढ़ें कौन सी बीमारी में भूल से भी नहीं करने चाहिए ये योगासन, ये सावधानियां हैं जरूरी
International Yoga Day नहीं बने हैं सारे योगासन सभी के लिए। योगा करते वक्त अपनी शारीरिक व्याधियों का भी रखना चाहिए ध्यान। हृदय रोगियों को नहीं करने चाहिए कुछ विशेष आसन। जोड़ाें की समस्या को बढ़ा सकता है पद्मासन। योग गुरु के निर्देशन में ही करें योगाभ्यास।

आगरा, जागरण संवाददाना। विश्व योग दिवस पर पूरी दुनिया में योग के महत्व के बताया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भारत की इस विधा को दुनियाभर में प्रचारित करने, लोगों को स्वास्थ्य लाभ बताने के लिए मोर्चा संभालते हैं। हां बेशक ये सही है कि योग है तो रोग नहीं है लेकिन बहुत से रोग होते हैं जिसमें सारे योगासन नहीं किये जा सकते। योग इंस्ट्रक्टर अनीता यादव के अनुसार सभी के शरीर और मन की संरचना अलग अलग होती है। उसको ध्यान में रखते हुए योग के आसन और प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो योग टीचर से सलाह लेने के साथ अपने डॉक्टर की राय भी जरूर लें।
सर्दी जुकाम या सिरदर्द रहता है तो न करें ये योगासन
जिन लोगों को लगातार सर्दी जुकाम या सिरदर्द बना रहता है उन्हें शीर्षासन, सर्वांगासन, चक्रासन आदि आसन नहीं करने चाहिए। इससे उनकी समस्या कम होने की जगह बढ़ सकती है।
गठियाबाय में इनसे करें परहेज
पैरों के जोड़ों में दर्द, घुटनों में दर्द, गठियाबाय के मरीजों को चद्मासन, वज्रासन, सुप्त वज्रासन आदि नहीं करने चाहिए।
पेट रोग के मरीज रखें ध्यान
लीवर, अंड या तिल्ल वृद्धि, अल्सर, आंतों का बढ़ना जैसे पेट के रोग से पीड़ित हैं तो भुजंगासन, हलासन, पश्चिमोतासन जैसे योगासन नहीं करने चाहिए। इस तरह के आसनों से पेट पर अधिक दवाब पड़ता है, जिससे नुकसान होने का खतरा रहता है।
हृदय रोग में न करें ये आसन
हृदय का काम शरीर के सभी अंगों तक रक्त पहुंचाना होता है। दिल का सही से काम करना बहुत जरूरी है। बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों की वजह से हृदय रोग से हम पीड़ित हो जाते हैं। नियमित रूप से योगासन दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन बहुत से योगासन हैं जिनसे दिल पर अधिक दबाव पड़ता है और आपकी जान के लिए खतरा बढ़ जाता है। जैसे चक्रासन, हलासन, संवार्गासन, सिरहसाना, विपरीन करणी आसन करने से हृदय रोगियों को बचना चाहिए।
सभी के लिए नहीं है पर्वतासन
रीढ़ की हड्डी में दर्द, गंभीर बीमारी, डायरिया, अस्थमा, गर्दन में दर्द, कंधे में दर्द, घुटनों में दर्द, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप जैसे रोगों में पर्वतासन करने से पहले अपने चिकित्सक और योग इंस्ट्रक्टर की सलाह जरूर लें।
योगा में जरूरी हैं ये 7 सावधानी
1- योगासन सदैव खाली पेट और फ्रेश होने के बाद ही करें।
2- योगा हमेशा खुली और ताजी हवा में करें।
3- योगासन समतल जगहे पर योगा मैट बिछाकर करना चाहिए।
4- योगासन के दौरान ढीले ढाले कपड़े पहने होने चाहिए।
5- योगासन से पूर्व हल्का व्यायाम करें, जिसके कारण मांसपेशियां योगासन के अनुकूल हो जाएं।
6- योगासन करते समय विशेष रूप से ध्यान रखें कि कमजोर अंग जैसे घुटने, कमर, रीढ़ की हड्डी और गर्दन में किसी प्रकार की कठिनाइयां या दर्द महसूस यदि हो रहा है तो उस आसन को छोड़ दें और अपनी आरंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
7- योगासन करते समय सकारात्मक रहें लेकिन हंसी मजाक का माहौल न बनाएं इससे आपके योग में परेशानी आ सकती है।
योगा इंस्ट्रक्टर अनीता यादव
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