जनता लाइब्रेरी में ज्ञान ले रहे बाह के युवा
तीन माह पहले कस्बे में खुली पहली भीकम मास्साब जनता लाइब्रेरी रोजाना 40 से अधिक लोग उठा रहे लाइब्रेरी का लाभ

जागरण टीम, आगरा। पढ़ने में रुचि रखने वालों के लिए पुस्तकालय स्वर्ग से कम नहीं है। ज्ञान प्राप्त करने का सबसे सरल व सस्ता माध्यम पुस्तकालय होता है, लेकिन अभी तक बाह में यह सुविधा न होने से वहां के युवा और पढ़ने में रुचि रखने वाले इससे वंचित थे। टीम भारतीय के संस्थापक घनश्याम भारतीय ने अपने पिता की स्मृति और लोगों को लाइब्रेरी की सुविधा के लिए कस्बा में भीकम मास्साब जनता पुस्तकालय के नाम से लाइब्रेरी बनाई है। इसमें रोजाना लगभग 40 से अधिक लोग निश्शुल्क पढ़ने के लिए आते हैं और लाइब्रेरी में लगभग 250 से 300 पुस्तकें उपलब्ध हैं। लाइब्रेरी सभी के लिए निश्शुल्क है। जिससे हर कोई इसका लाभ उठा सके। यहां हर तरह की किताबें उपलब्ध है। छात्र छात्राओं की मांग पर भी पुस्तकें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
घनश्याम भारतीय, संस्थापक, भीकम मास्साब लाइब्रेरी भीकम मास्साब जनता लाइब्रेरी दूरगामी सोच का परिणाम है। हमें पढ़ने के लिए किताबें मिल रही है। अच्छा वातावरण मिल रहा है। शिक्षा को महत्व देने के लिए यह अच्छा कदम है।
- उदय सिंह, पाठक लाइब्रेरी होने से इसका अच्छा लाभ मिल रहा है। लाइब्रेरी में लड़कियों के लिए विशेष सुविधा होने के कारण अन्य छात्राओं से अपील करती हूं कि वे भी लाइब्रेरी का लाभ लेकर अपना ज्ञान बढ़ाए।
- ज्योति, पाठक जनता लाइब्रेरी का नियमित पाठक हूं। हमारी जानकारी में कस्बा में यह पहली ज्ञान वर्धक लाइब्रेरी खुली है। इसका बाह जैसा पिछड़ा क्षेत्र लाभ ले सकता है। इसके संस्थापक का कार्य सराहनीय है।
- कौशलेंद्र, पाठक
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