आगरा, जागरण संवाददाता। बच्चों को भिक्षावृत्ति से दूर करने को दैनिक जागरण द्वारा चलाए गए अभियान से शुक्रवार को पुलिस हरकत में आ गई। चौराहों पर भीख मांगने वाले बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए शुक्रवार शाम को पुलिस ने शहर में अभियान चलाया। तीन स्थानों से पुलिस टीम ने छह बच्चों को रेस्क्यू किया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर सभी बच्चों को आश्रय गृह में रखा गया है। शनिवार से इनकी काउंसलिंग की जाएगी। किसी गैंग से जुड़े निकलने पर गैंग संचालक पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

शहर में एमजी रोड, माल रोड और बिजलीघर चौराहा पर बड़ी संख्या में बच्चे भीख मांगते हैं। दैनिक जागरण ने 20 जून के अंक से बच्चों को भिक्षावृत्ति से दूर करने को अभियान शुरू किया है। इस अभियान में शहर के तमाम लोग भी जुड़े। सभी ने संकल्प लिया कि वे बच्चों से भीख मंगवाने वाले गैंग को खत्म करने को दैनिक जागरण की मुहिम में साथ हैं। वे बच्चों को रुपये नहीं देंगे। उन्हें खाने पीने की वस्तुएं देंगे, जिससे गैंग को कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा। दैनिक जागरण ने शहर के चौराहों पर सक्रिय गैंग की ओर पुलिस का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद एसएसपी मुनिराज जी. के निर्देश पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिक थाने की टीम ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार शाम को टीम ने भगवान टाकीज चौराहा से एक बच्चा, बिजलीघर चौराहा से तीन बच्चे और सदर से दो बच्चे रेस्क्यू किए। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के आदेश पर इनमें से चार बच्चों को राजकीय बाल गृह शिशु ओर दो बच्चों को खुला आश्रय गृह धनौली में रखा गया है। एसएसपी ने बताया कि अभी बच्चों की चाइल्ड लाइन की टीम से काउंसलिंग कराई जाएगी। वे किसी गैंग से संपर्क में तो नहीं थे। इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी। अगर किसी गैंग से कनैक्शन निकलता है तो इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। रेस्क्यू करने वाली टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने की प्रभारी कमर सुल्ताना, चाइल्ड लाइन की काेआर्डिनेटर रितु वर्मा व अन्य शामिल रहे।

मां ही मंगवा रही थी भीख

भगवान टाकीज से रेस्क्यू किए गए बच्चे न्यू आगरा क्षेत्र के ही हैं। उन्होंने बताया कि पिता फैक्ट्री में काम करते हैं। फिलहाल काम नहीं मिल रहा है। मां ने ही उन्हें भीख मांगने को भेजा था। रेस्क्यू के दौरान बच्चों की मां भी वहां पहुंच गई। अभी बच्चों की काउंसलिंग के बाद ही उन्हें सुपुर्दगी में दिया जाएगा।

तीन बच्चे मथुरा के मिले

बिजलीघर से रेस्क्यू किए गए तीन बच्चे मथुरा के रहने वाले बताए गए हैं। इन बच्चों से बातचीत करने पर पता चला कि एक माह पहले ये आगरा आए हैं। बिजलीघर के पास झोंपड़ी डालकर इनका परिवार रहता है। सभी चौराहों पर भीख मांगते हैं। 

Edited By: Prateek Gupta