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    Hariyali Teej 2021: हरियाली तीज का त्योहार कल, जानिए इस दिन शिव− गौरी की पूजा का महत्व

    By Tanu GuptaEdited By:
    Updated: Tue, 10 Aug 2021 01:45 PM (IST)

    Hariyali Teej 2021 हरियाली तीज पर महिलाओं के मायके से उनके लिए सिंघारा आता है। इसमें मिठाई और श्रृंगार का सामान होता है जिसमें मेहंदी चूड़ियां बिंदी फूलों का गहना आदि होता है। वहीं ससुराल में सासू मां अपनी बहुओं को नई साड़ी कपड़े और श्रृंगार का सामान दिलाती हैं।

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    11 अगस्त बुधवार को है हरियाली तीज का त्योहार।

    आगरा, जागरण संवाददाता। हरियाली तीज  आस्‍था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम का यह उत्‍सव शिव पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्‍य में मनाया जाता है। चारों ओर हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं। धर्म वैज्ञानिक पंडित वैभव जय जोशी के अनुसार हरियाली तीज इस वर्ष कल यानी 11 अगस्त को है। हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास त्योहार है। इस पर्व पर महिलाएं कुछ दिन पहले से ही तैयारी शुरू कर देती हैं। हाथों में मेहंदी और पैरों में आल्ता लगाती हैं। इस दिन महिलाएं हरे वस्त्र धारण करती हैं। श्रृंगार में भी हरे रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। महिलाएं ढोलक की थाप पर तीजों के परम्परागत गीत गाती हैं।

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    हरियाली तीज की परंपरा

    सावन का महीना भगवान शिव और मां पार्वती लिए खास है। इस महीने में पूजा-पाठ पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस माह में शिव और पार्वती जी कैलाश छोड़कर धरती पर निवास करते हैं। इस पर्व के दिन शादीशुदा महिलाओं के मायके से उनके लिए सिंघारा आता है। इसमें मिठाई और श्रृंगार का सामान होता है, जिसमें मेहंदी, चूड़ियां, बिंदी, फूलों का गहना आदि होता है। वहीं, ससुराल में सासू मां अपनी बहुओं को नई साड़ी, कपड़े और श्रृंगार का सामान दिलाती हैं। इसमें सुहाग का सामान, मेहंदी और आल्ता प्रमुख होता है।

    माता पार्वती बनीं भगवान शिव की अर्धांगिनी

    शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए 107 जन्मों तक कठिन तप किया, फिर भी उनकी मनोकामना पूर्ण नहीं हुई। उन्होंने अपने 108वें जन्म में इसी व्रत के प्रभाव से भगवान शिव को प्रसन्न करने में सफल रहीं। भगवान शिव ने माता पार्वती के व्रत से प्रसन्न होकर उनको अपनी अर्धांगिनी बनाया। हरियाली तीज के दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करती हैं और शाम को होने वाली पूजा के दौरान माता पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं तथा भगवान शिव को वस्त्र अर्पित करती हैं।