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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खोदाई में मिला चांदी का सिक्का बताकर ठगे ढाई लाख, इस तरह आगरा पुलिस के हत्थे चढ़ा पूरा गिरोह, खुले कई मामले

Published: Tue, 26 Nov 2024 08:42 AM (IST)

Agra Crime News आगरा में एक सेवानिवृत्त नगर निगम कर्मचारी को चांदी का सिक्का दिखाकर ठगने वाले चार टप्पेबाजों को ...और पढ़ें

हरीपर्वत पुलिस द्वारा गिरफ्तार टप्पेबाज दाएं से शंकर, मुकुल, कन्हैया और अर्जुन जागरण
हरीपर्वत पुलिस द्वारा गिरफ्तार टप्पेबाज दाएं से शंकर, मुकुल, कन्हैया और अर्जुन जागरण

HighLights

  1. चांदी का सिक्का दिखा नगर निगम कर्मचारी से ठगी करने वाले चार टप्पेबाज दबोचे
  2. आगरा, इटावा, कानपुर नगर और रायबरेली के हैं आरोपित, दो लाख बरामद

जागरण संवाददाता, आगरा। नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी को चांदी का सिक्का देकर जाल में फंसा ढाई लाख रुपये ठगने वाले चार टप्पेबाजों को हरीपर्वत पुलिस रविवार रात ट्रांसपोर्ट नगर से दबोच लिया। आरोपित इटावा, कानपुर नगर और रायबरेली के रहने वाले हैं। सरगना के विरुद्ध वाराणसी में छह मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार पकड़े लोगों में गिरोह का सरगना गांव रामपुर भीमसेन थाना सचेंडी कानपुर नगर का शंकर सिंह है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों में रामनगर शाहगंज का मुकुल कुमार, गांव बादरी पूठ थाना बसरेहर इटावा का कन्हैया सिंह और गांव रायपुर नहरिया थाना जहानाबाद रायबरेली हैं।

गिरोह ने 13 नवंबर को बेलनगंज, थाना छत्ता के सेवानिवृत्त नगर निगम के कर्मचारी सुरेंद्र कुमार को अपने जाल में फंसा लिया था। रास्ते में मिले शंकर ने सुरेंद्र से कहा कि वह मजदूरी करता है। एक जगह खोदाई में उसे सिक्का मिला है, उसके किसी काम की नहीं है। यह कहकर सिक्का उन्हें पकड़ा गया। अपना मोबाइल नंबर भी दे गया। सुरेंद्र ने सिक्के को सर्राफ के यहां चेक कराया तो वह असली चांदी का था।

असली सोने के मोती देकर फंसाया

डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि जाल में फंसे सुरेंद्र कुमार ने शंकर को काल किया। उसने बताया कि उसके पास सोने की तरह के कुछ मोती भी हैं, वह उन्हें दो मोती देकर गया। मोती चेक कराएग तो वह वह भी असली सोने के थे। जाल में फंसे सुरेंद्र कुमार ने शंकर से दोबारा संपर्क किया। उसने कहा कि करीब एक किलोग्राम मोती उसके पास हैं।

15 नवंबर को मोती देकर गया

सुरेंद्र ने ढाई लाख रुपये में सौदा कर लिया। वह 15 नवंबर को उनसे ढाई लाख रुपये लेकर मोती दे गया। सर्राफ से चेक कराने पर वह सभी नकली निकले। सुरेंद्र ने हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराया। डीसीपी सिटी ने बताया कि आरोपितों से दो लाख रुपये और नकली मोती बरामद किए हैं। चारों को जेल भेजा गया है।

गिरोह तक इस तरह पहुंची पुलिस

गिरोह ने टप्पेबाजी के बाद मोबाइल बंद कर लिया था। इंस्पेक्टर हरीपर्वत आलोक कुमार और दारोगा योगेश नागर ने सुरेंद्र ने जिस नंबर पर कॉल किया था, उसकी कॉल डिटेल निकाली। गिरोह ने 15 लोगों से संपर्क किया था। पुलिस ने एक-एक करके सभी से संपर्क किया। पता चला कि गिरोह कई लोगों से इसी तरह ठगी कर चुका था।

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ग्वालियर के एक युवक को भी फंसाया था

ग्वालियर के एक युवक को भी जाल में फंसाया था। उसे सोने के असली मोती दे गया था। पुलिस ने युवक को पूरा मामला बताया, गिराेह ने ग्वालियर के युवक को आगरा में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल आइएसबीटी पर रविवार रात को बुलाया था। पुलिस ने आइएसीबीटी पर घेराबंदी करके टप्पेबाजी करने आए चारों आरोपितों को दबोच लिया।