Vaishno Devi Landslide: आंखों के सामने बह गए माता-पिता, भूस्खलन में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत; आगरा पहुंचे शव
आगरा के कुम्हारपाड़ा के रहने वाले अर्जुन सिंह उनकी पत्नी पौत्री और पुत्रवधू की बहन की वैष्णो देवी से लौटते समय भूस्खलन में मृत्यु हो गई। जैसमीन नामक एक रिश्तेदार ने घटना का भयावह विवरण दिया जिसमें बताया गया कि कैसे उनकी आंखों के सामने उनके परिवार के सदस्य बह गए। शवों के आगरा पहुंचने पर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

जागरण संवाददाता, आगरा। तेज कदमों से लौटती जैसमीन ने अचानक तेज गड़गड़ाहट सुनी, ऐसा लगा कि धरती हिल रही है, दिल को दहलाने वाली आवाज सुन भीतर तक कांप उठी जैसमीन ने पलटकर पीछे देखा तो प्रलय सामने थी। पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टाने नींचे गिर रही थीं। चंद कदम की दूरी पर चल रहे माता-पिता, भतीजी समेत अन्य स्वजन आंखों के सामने में बहते चले गए।
पूरी ताकत से दाैड़ लगाकर भागी जैसमीन कुछ ही देर में सुधबुध खो बैठी। होश में आई तो माता-पिता और भतीजी समेत चार स्वजन हमेशा के लिए छोड़ कर जा चुके थे। वैष्णो देवी से लौटते समय मंगलवार को भूस्खलन में जान गंवाने वालों के शव शनिवार को ताबूत में कुम्हारपाड़ा पहुंचे। साथ में गई बेटी परिवार के लोगों से लिपट गई। राेते हुए आंखों के सामने आयी प्रलय के बारे बताने लगी।
रकाबगंज के कुम्हारपाड़ा के रहने वाले 55 वर्षीय अर्जुन सिंह, पत्नी सुनीता, पुत्र दीपक और पुत्रवधू मोना के साथ पौत्री सेजल का मुंडन कराने 24 अगस्त को वैष्णाे देवी गए थे। दंपती के साथ बेटी जैसमीन, दामाद मोहित कुमार, पौत्री एंजल व पुत्रवधू की 12 वर्षीय बहन भावना भी थी।
दंपती 26 अगस्त को वैष्णो देवी से लौट रहे थे। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुए भूस्खलन में सभी लोग चपेट में आ गए थे। हादसे में अर्जुन सिंह उनकी पत्नी सुनीता, पौत्री सेजल व पुत्रवधू की बहन भावना की मृ़त्यु हो गई।सुनीता समेत तीन लोगों के शव मिल गए थे। अर्जुन सिंह का शव शुक्रवार को मलबे से बरामद किया गया।
जैसमीन ने बताया कि भाई दीपक लघुशंका के लिए चला गया था। वह परिवार के सदस्यों से कुछ कदम आगे चल रही थी। इसी दौरान भूस्खलन हुआ, गड़गड़ाहट के साथ तेज आवाज से वह दहशत में आ गई। पलटकर देखा तो लगा कि प्रलय आ गई है। हादसे में मोना समेत अन्य लोग भी घायल हुए हैं। अर्जुन सिंह का शव बरामद होने के बाद चारों शवों को श्राइन बोर्ड द्वारा आगरा रवाना किया गया था।
शनिवार शाम को चारों शव पहुंचने की जानकारी होने पर सैकडों लोग जुट गए। रकाबगंज थाने के सामने से लेकर बस्ती तक लोगों की भीड़ जुटी रही। ताबूत में शवों के घर पहुंचने पर बस्ती वालों की आंखें नम हो गईं। आंखों के सामने अपनों को गंवाने वाली जैसमीन को रोता देख उसे चुप कराने की कोशिश करती परिवार की महिलाओं की आंख भी भर आईं। मृतकों का अंतिम संस्कार ताजगंज स्थित श्मशान घाट पर किया गया। जबकि 12 वर्षीय भावना का शव शाहगंज के प्रकाश नगर ले जाया गया। वहां पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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