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आगरा डाकघर घोटाला: पूर्व उप डाकपाल को 15 लाख रुपये की हेराफेरी में तीन साल की कैद

Published: Sat, 24 Oct 2026 02:20 PM (IST)

सीबीआई गाजियाबाद की विशेष अदालत ने पूर्व उप डाकपाल वेद प्रकाश पांडेय को 51 खाताधारकों की 15.27 लाख रुपये की ...और पढ़ें

Agra News: सांकेतिक तस्वीर।

Agra News: सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. पूर्व उप डाकपाल को तीन साल की कारावास की सजा।

  2. 51 खाताधारकों की 15.27 लाख रुपये की रकम में हेराफेरी।

  3. सीबीआई गाजियाबाद कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

जागरण टीम, आगरा। Agra News: सीबीआई गाजियाबाद की विशेष अदालत ने शुक्रवार को डाकघर में 51 खाताधारकों की जमा रकम में 15.27 लाख रुपये की हेराफेरी पर तत्कालीन उप डाकपाल वेद प्रकाश पांडेय को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने वेद प्रकाश पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उसने खाताधारकों से मिली रकम को खातों में जमा दिखाया, लेकिन डाक विभाग के लेनदेन से संबंधित जरूरी अभिलेखों में इसका विवरण दर्ज नहीं किया। इससे डाक विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ।
सीबीआइ के अनुसार वेद प्रकाश पांडेय बाग मुजफ्फर खां डाकघर में उप डाकपाल के पद पर तैनात थे। 17 दिसंबर 2008 को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि डाकघर में 51 लोगों ने मासिक आय योजना (एमआइएस) और टीडीएस खाते खुलवाए थे।

15.27 लाख रुपये की हेराफेरी

खाताधारकों ने खाते खुलवाते समय शुरुआती रकम तत्कालीन उप डाकपाल को सौंपी थी। इसके बाद उन्हें खाता संख्या दर्ज कर नई पासबुक जारी की गई थी। पासबुक में जमा रकम का विवरण दर्ज किया गया था। इस पर वेद प्रकाश पांडेय के हस्ताक्षर भी थे। आरोप था कि उन्होंने जमा रकम का ब्योरा पासबुक और लेजर में तो दर्ज किया, लेकिन लेनदेन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेजों में इसकी प्रविष्टि नहीं की। इनमें लेनदेन की सूची और दैनिक लेखा जोखा के अभिलेख शामिल थे। इन्हीं दस्तावेजों के माध्यम से डाकघर में रोजाना होने वाले जमा और निकासी के लेनदेन की जानकारी प्रधान डाकघर को भेजी जाती है और उसका मिलान किया जाता है।

सीबीआई की विशेष अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

सीबीआई की जांच में आया कि अभिलेखों में जमा रकम का पूरा विवरण दर्ज नहीं किए जाने से 15 लाख 27 हजार रुपये की हेराफेरी की गई। इससे डाक विभाग को इतनी ही राशि का नुकसान हुआ, जबकि आरोपित को अनुचित आर्थिक लाभ मिला। जांच पूरी होने के बाद सीबीआइ ने 30 सितंबर 2009 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने वेद प्रकाश पांडेय को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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