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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra Metro Rail Project: जल्द आकार लेने लगेगा आगरा का ये मेट्रो स्टेशन, रखा गया पहला डबल टी गर्डर

By Tanu GuptaEdited By:
Published: Tue, 31 Aug 2021 05:54 PM (IST)

Agra Metro Rail Project ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद के बीच बन रहे प्रायोरिटी कॉरिडोर के ऐलिवेटिड सेक्शन में ...और पढ़ें

कॉन्कोर्स लेवल के निर्माण के लिए डबल टी गर्डर को सफतापूर्वक रखा गया।
कॉन्कोर्स लेवल के निर्माण के लिए डबल टी गर्डर को सफतापूर्वक रखा गया।

आगरा, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने ताज ईस्ट गेट मेट्रो स्टेशन के प्रथम तल (कॉन्कोर्स लेवल) के निर्माण के लिए डबल टी गर्डर को सफतापूर्वक रखकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यूपी मेट्रो के एमडी श्री कुमार केशव ने इस सफलता के लिए यूपी मेट्रो की टीम आगरा की सराहना कि। कुमार केशव ने कहा कि यूपी मेट्रो की टीम ने उत्कृष्टता का परिचय देते हुए कड़ी मेहनत और लगन के साथ इस मुकाम को हासिल किया है।

यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि कानपुर मेट्रो के बाद अब आगरा मेट्रो में भी ऐलिवेटिड स्टेशनों के कॉन्कोर्स निर्माण के लिए डबल टी गर्डर का प्रयोग किया जा रहा है। कुमार केशव ने बताया कि आगरा मेट्रो के लिए प्रयोग किए जा रहे डबल टी गर्डर 11.4 मीटर लंबे, 3.07मीटर चौड़े एवं 1मीटर उंचे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि डबल टी गर्डर का वजन 44 टन है।

सामान्य रूप से 'शटरिंग' प्रणाली द्वारा स्टेशन कांकॉर्स का निर्माण किया जाता है, जिससे सड़क पर एवं यातायात में अवरोध उत्पन्न होता है। शटरिंग में समय भी अधिक लगता है, जिसके परिणाम स्वरूप लागत भी अधिक आती है। वहीं डबल टी गर्डर समय एवं लागत के लिहाज़ से कहीं बेहतर है। 'प्री-कास्ट' तकनीक से बना यह गर्डर मात्र कुछ घंटों में ही बीम पर रखा जा सकता है।

बता दें कि ऐलिवेटिड स्टेशन के निर्माण के दौरान सबसे पहले निर्माण स्थल पर पाइलिंग कार्य किया जाता है। इसके बाद कई पाइल मिलकर पीयर (पिलर) को आधार देने वाली पाइलकैप का निर्माण करती है। पाइलकैप बनने के बाद उसपर पीयर (पिलर) का निर्माण किया जाता है। जब स्टेशन परिसर के सभी पीयर बनकर तैयार हो जाता हैं, तो उनकों आपस में जोड़ने एवं डबल टी गर्डर को आधार दोने के लिए हॉरिजोंटल बीम का निर्माण किया जाता है। हॉरिजोंटल बीम बन जाने के बाद उनपर डबल टी गर्डर रखकर स्टेशन के कॉन्कोर्स लेवल का निर्माण किया जाता है।

ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद के बीच बन रहे प्रायोरिटी कॉरिडोर के ऐलिवेटिड सेक्शन में अबतक 582 पाइल, 105 पाइलकैप एंव 89 पीयर का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ऐलिवेटिड सेक्शन में कुल 686 पाइल, 171 पाइलकैप एवं 171 पीयर का निर्माण किया जाना है। वहीं, बमरौली कटारा स्थित कास्टिंग यार्ड में अबतक 36 डबल टी-गर्डर, 22 पीयरकैप एंव 12 यू गर्डर की कास्टिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही वायाडक्ट में अबतक 12 पीयरकैप सफलतापूर्वक रखे जा चुके हैं।

गौरतलब है कि ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा. जिसमें 6 एलीवेटेड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे।