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Agra News: फिरोजाबाद के कपड़ा व्यापारी का धर्मशाला में फंदे पर लटका मिला शव, दो दिन से थे लापता

Agra News एका थाना क्षेत्र निवासी राजू गुप्ता शुक्रवार से थे लापता। छत्ता के दरेसी स्थित धर्मशाला में रुके थे दरवाजे का कुंडा तोड़कर निकाला शव। आत्महत्या का कारण नहीं लगा पता। पुलिस ने कमरे की छानबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

By Jagran NewsEdited By: Abhishek SaxenaPublished: Mon, 20 Mar 2023 07:54 AM (IST)Updated: Mon, 20 Mar 2023 07:54 AM (IST)
Agra News: फिरोजाबाद के कपड़ा व्यापारी का शव आगरा में मिला।

आगरा, जागरण संवाददाता। फिरोजाबाद के कपड़ा व्यापारी का शव शनिवार की आधी रात को छत्ता के दरेसी में फंदे पर लटका मिला। छत्ता पुलिस ने दरवाजे का कुंडा तोड़कर शव को नीचे उतारा। व्यापारी शुक्रवार की शाम से लापता थे। स्वजन ने एका थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।व्यापारी ने शुक्रवार की रात को धर्मशाला में कमरा लिया था।स्वजन पुलिस से खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं कर सके हैं।

एका में है कपड़े की दुकान

एका थाना क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय राजू गुप्ता की कपड़े की दुकान है। भाई सुनील गुप्ता ने पुलिस को बताया शुक्रवार को राजू गुप्ता परिचित व्यापारियों के साथ शिकोहाबाद होते हुए फिरोजाबाद गए थे। वहां पर जैन धर्मशाला के पास गाड़ी से उतर गए। परिचित व्यापारियों को बताया कि उन्हें कुछ सामान लेने आगरा जाना है। उनका मोबाइल बंद हो गया। रात तक घर नहीं अाए। जिस पर स्वजन ने एका थाने में उनकी गुमशुदगी कराई थी।

धर्मशाला में लिया था कमरा

प्रभारी निरीक्षक मंटोला आलोक कुमार ने बताया व्यापारी ने शुक्रवार की रात आठ बजे धर्मशाला में 180 रुपये में कमरा लिया था। शनिवार की रात को आठ बजे एक दिन पूरा हो गया था। जिस पर धर्मशाला के कर्मचारी राजू गुप्ता के कमरे पर पहुंचा। वह व्यापारी से एक दिन पूरा होने पर यह पूछने गया था कि उन्हें रुकना है तो किराया पेशगी में जमा करा दें। दरवाजा खटखटाने के बाद भी नहीं खुला। कर्मचारी को लगा कि वह सो रहे होंगे। इसलिए वह चला आया।

जंगले से देखा तो फंदे से लटका था शव

कर्मचारी करीब चार घंटे बाद दोबारा कमरे पर पहुंचा। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। कर्मचारियों ने सीढ़ी लगाकर जंगले से देखा। राजू गुप्ता का शव पंखे से फंदे पर लटक रहा था। धर्मशाला के कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजे का कुंडा तोड़कर शव को फंदे से उतारा।

प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि कमरे से आत्महत्या से पूर्व लिखा कोई पत्र नहीं मिला है।स्वजन भी खुदकुशी का कारण नहीं बता सके हैं। जांच की जा रही है।

दो दिन तक रुकने की कहा था

धर्मशाला के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि व्यापारी से पूछा कि वह कितने दिन यहां रुकेंगे। उन्होंने एक या दो दिन रुकने की कहा था। मगर, किराया एक दिन का ही जमा कराया था। तीन मंजिला धर्मशाला में एक दर्जन से अधिक कमरे हैं। यहां पर दूसरे शहरों व राज्यों के व्यापारी एक महीने तक रुकते हैं। इसी कारण कर्मचारियों ने व्यापारी पर अधिक ध्यान नहीं दिया। वह यह भी नहीं बता सके कि व्यापारी शनिवार को कमरे से बाहर निकले थे कि नहीं। 


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