आगरा, प्रभजोत कौर। घर में पालतू जानवर सभी रखते हैं। श्वान की वफादारी के कारण उन्हें लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं और अपने घरों में बच्चों की तरह रखते हैं। इसी प्यार में कई बार लोग अपने श्वानों को ऐसे खाद्य पदार्थ भी खिला देते हैं, जो उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो जाते हैं। अपनी थाली से ही रोटी या सब्जी अपने श्वान को खिला देते हैं। जो उनके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। असल में श्वान के शरीर के अंदर आंतरिक पाचन तंत्र औऱ एंजाइम मनुष्यों के समान नहीं होता है, ऐसे में उनके खाने-पीने का खास ध्यान रखना होता है। मौसम के अनुरूप डॉग्‍स की भी डाइट में बदलाव होना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि आपको अपने श्वान को क्या खिलाना और क्या नहीं-

- लहसुन और प्याज- इन दोनों में ही थायोसल्फेट होता है, इससे उनकी रक्त कोशिकाओं को बेहद नुकसान होता है। यह दोनों खाद्य पदार्थ एनीमिया का कारण बन सकते हैं।सब्ज़ियों में नींबू, मशरूम, हरा या लाल टमाटर भी न खिलाएं।

- एवोकाडो- इसमें एक विष नामक तत्व होता है जो आंतों की समस्याओं को जन्म दे सकता है। कैंडी या च्युइंगम में जाइलोटोल नामक आर्टिफिशल स्वीटनर डाला जाता है। इससे श्वान का लिवर ख़राब हो सकता है और उसका ब्लड प्रेशर गिर सकता है।

- चाकलेट्स व टाफी- प्यार में अपने श्वान को चाकलेट खिलाने वाले लोग सचेत हो जाएं। चाकलेट श्वानों के लिए अत्यधिक विषाक्त है।

-अंगूर और किशमिश- इससे श्वान के गुर्दे को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।

- नमक और चीनी- श्वानों को नमक वाली सब्जी या चिप्स आदि नहीं खिलाने चाहिए। नमक से पेट फूलना, उल्टी और दस्त जैसी शिकायत हो सकती है। इसी तरह उन्हें मीठे से भी दूर रखना चाहिए। अधिक मीठा और चीनी युक्त खाने से उसे भी मोटापा, दांत ख़राब होना, डायबिटीज जैसी दिक्कत हो सकती है। कई बार श्वानों में मीठे से खुजली की भी शिकायत हो जाती है।

- गेंहू से बने पदार्थ- गेहूं में ग्लूटेन होता है और इसे श्वान पचा नहीं पाते। कभी-कभार रोटी दी जा सकती है। लेकिन लंबे समय तक रोटी, ब्रेड या बिस्किट खाने से श्वानों को पथरी हो सकती है।

- पौधे- लिली, कनेर, ट्यूलिप, लेंटाना और फिलोडेनड्रोन जैसे पौधे लगा रखें हैं, तो इन्हें हटा दें।

यह भी न खिलाएं- बेकिंग पाउडर या बेकिंग सोडा, जायफल आदि मसाले, यीस्ट डाला हुआ बिना पका आटा, फलों के बीज या छिलके विशेषकर सेब के, कच्चा आलू, शराब, इंसानों की दवाएं। कच्चा अंडा व कच्चा मांस भी नहीं देना चाहिए।

क्या खिला सकते हैं-

-दही- दही में प्रोटीन और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है।

- पीनट बटर-इसमें विटामिन बी, विटामिन ई, नियासिन और अन्य मिनरल्स होते हैं। जो भी पीनट बटर आप लें उसमें किसी भी प्रकार के कोई भी प्रीज़र्वटिव न हों।

- दलिया-दलिए में फाइबर होता है। इसमें प्रोबायोटिक्स भी पाया जाता है जिसकी वजह से कुत्ते फुर्तीले बने रहते हैं।

- कद्दू- कद्दू को उसके खाने में शामिल करें। इसमें फाइबर, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन होती है, इसका उसका पाचन तंत्र सही रहेगा।

- अंडा- अंडे में सेलेनियम, राइबोफ्लेविन, सप्लायर और प्रोटीन पाया जाता है। अंडा अच्छे से पका होना चहिए वरना एग वाइट की वजह से आपके श्वान को बायोटिन की कमी हो सकती है।

- शकरकंद- इसमें विटामिन सी, विटामिन बी -6, मैंगनीज, फाइबर और बीटा कैरोटीन पाया जाता है।

- साल्मन मछली- मछली में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाया जाता है जो आपके श्वान की त्वचा और बालों के लिए बहुत अच्छा है। मछली को हमेशा पका कर दें।

- सेब-इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और फाइबर होता है। सेब के बीज न खिलाएं।

- चावल- ब्राउन चावल में प्रोटीन होता हैं वहीं सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो आसानी से पच भी जाता है।

- ग्रीन बीन्स- इसमें विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज और फाइबर होता है। अगर आपके श्वान का वजन बढ़ रहा है तो उसे ग्रीन बीन्स खिलाएं। इसमें कैलोरी कम होती हैं।

- लीन मीट- इसमें सुअर का मांस और चिकन आता है।इनमें प्रोटीन, अमीनो एसिड और विटामिन बी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें राइबोफ्लेविन नियासिन,थिमाइने , प्यरीडाक्सीड भी पाया जाता है।

- पनीर-इसमें काफी मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है।

- मटर- मटर में विटामिन बी, पोटेशियम और फास्फोरस पाया जाता है।

- अन्नानास- इसमें पोटेशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है।

- पापकार्न-इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस पाया जाता है जो कुत्ते कि हड्डियों के लिए बहुत अच्छा होता है।

यह भी खिला सकते हैं

-केला, तरबूज, गाजर, उबला हुआ आलू, आम, ब्राकली, खीरे के टुकड़े।

Edited By: Prateek Gupta