Agra News: इंजीनियर अलीशेर ने धाेखाधड़ी में लगाया शातिर दिमाग, बुजुर्ग और महिलाओं के खातों से एक करोड़ रुपये निकाले
Agra Crime News In Hindi न्यू आगरा पुलिस ने शाहगंज के रहने वाले अलीशेर को भेजा जेल। पांच नवंबर को मऊ रोड निवासी एचडीएफसी बैंक के एटीम में भी इसी अंदाज में वारदात की थी। कार्ड बदलकर खाते से रकम निकाल ली थी। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपित के अन्य खातों की जानकारी कर रही है। आरोपित के खाते में जमा थे नौ लाख रुपये खाता फ्रीज।

जागरण संवाददाता, आगरा। इंजीनियर ने अपना दिमाग धोखाधड़ी में लगाया। मददगार बन लोगों के एटीएम बदल उनके खातों से एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक रकम निकाल ली। न्यू आगरा पुलिस ने शातिर दिमाग इंजीनियर अलीशेर को शुक्रवार गिरफ्तार कर लिया। उसके एक खाते में पुलिस को नौ लाख रुपये जमा मिले। इसे फ्रीज करा दिया। आरोपित को जेल भेज दिया।
बीटेक पास है अलीशेर
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया पृथ्वीनाथ फाटक अशाेक विहार निवासी अलीशेर से एचडीएफसी बैंक के तीन डेबिट कार्ड, देा पेन कार्ड और 70 हजार रुपये मिले हैं। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह बीटेक पास है।
दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करने गया था। मन मुताबिक नौकरी नहीं मिलने पर वह भरतपुर अपने मामा के पास चला गया। ममेरे भाई साइबर ठग हैं। वह नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसा रकम खाते में जमा कराते हैं।
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फर्जी प्रपतों पर खुलवाए खातों पर लेता था डेबिट कार्ड
अलीशेर ने पुलिस को बताया वह ममेरे भाइयों के साथ काम करने लगा। वह ममेरे भाइयों से फर्जी प्रपत्रों पर खुलवाए खातों के डेबिट कार्ड लेता था। धोखाधड़ी की रकम इन खातों में आने पर निकाल लेता था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। ठगी का तरीका सीखने के बाद वह खुद भी यह काम करने लगा। एटीएम कार्ड बदल लोगों के खातों से रकम निकालता था।
महिलाओं और बुजुर्ग को बनाता था शिकार
थानाध्यक्ष न्यू आगरा राजीव कुमार ने बताया कि अलीशेर ऐसे एटीएम पर जाता, जहां गार्ड नहीं होता था। वहां महिलाओं और बुजुर्गों को अपना निशाना बनाता था। उनकी मदद के बहाने पासवर्ड देख लेता। जैसे ही कोई महिला या बुजुर्ग मशीन में डेबिट कार्ड लगाता, वह बहाना बना उसे बदल देता था।
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