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दीपावली आज: आगरा में शाम 5:53 से रात 7:50 बजे तक रहेगा शुभ मुहूर्त, ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा

Published: Sun, 08 Nov 2026 01:33 PM (IST)

आगरा में कार्तिक अमावस्या पर दीपावली का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। लक्ष्मी-गणेश पूजन का ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. आगरा में दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का विशेष मुहूर्त आज

  2. शाम 5:53 से रात 7:50 बजे तक रहेगा शुभ पूजन समय

  3. घरों और प्रतिष्ठानों में दीपों से होगा मां लक्ष्मी का स्वागत

जागरण संवाददाता, आगरा। देहरी पर रंगोली के रंग बिखरने को तैयार हैं। फूलों और बंदनवार से मां महालक्ष्मी के स्वागत की तैयारी है। घरों में दीपों की कतार सजाने, पूजन की थाली संवारने और पकवान बनाने की हलचल है तो बाजारों में मिठाइयों की मिठास, फूलों की खुशबू और रंग-बिरंगी झालरों की चमक दीपोत्सव की खुशियों को दोगुना कर रही है।

रविवार को कार्तिक अमावस्या पर दीपावली का पर्व श्रद्धा, उल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। घरों से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक मां महालक्ष्मी और भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

आगरा में लक्ष्मी-गणेश पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:53 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। इस 117 मिनट की शुभ वेला में श्रद्धालु धन, वैभव और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रेश कौशिक ने बताया कि कार्तिक अमावस्या पर रविवार को दीपावली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। आगरा में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का श्रेष्ठ समय शाम 5:53 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। इस दौरान वृषभ स्थिर लग्न का विशेष संयोग रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:30 बजे से रात 8:07 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि रविवार सुबह 11:27 बजे से सोमवार दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी।

रंगोली, फूलों और दीपों से सजे घर-आंगन

दीपावली की तैयारियों ने शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया है। कई दिनों से घरों में चल रही सफाई के बाद शनिवार को सजावट को अंतिम रूप दिया गया। महिलाएं रंगोली बनाने, पूजन चौकी सजाने और पकवान तैयार करने में जुटी रहीं। बच्चे नए कपड़ों और आतिशबाजी को लेकर उत्साहित हैं। बाजारों में मिट्टी के दीपक, मोमबत्तियां, बिजली की झालरें, वंदनवार, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, खील-बताशे और पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए भीड़ रही। फूलों और मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।

ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन

ज्योतिषाचार्य यशोवर्धन पाठक ने बताया कि दीपावली पूजन के लिए घर के ईशान कोण या पूर्व दिशा में चौकी स्थापित कर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजमान कर रोली, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप से पूजन करें। मां लक्ष्मी को कमल का फूल और मिठाई अर्पित करें। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में बही-खातों और तिजोरी का पूजन करें। आराधना के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन, छत और बालकनी में दीप प्रज्वलित कर खुशियों के पर्व का स्वागत किया जाएगा।

दीपों से रोशन होंगे घर और प्रतिष्ठान

लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद घरों में दीपों की कतारें सजेंगी। मुख्य द्वार पर रंगोली और दीपों से मां महालक्ष्मी के स्वागत की परंपरा निभाई जाएगी। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को मिठाई और उपहार देकर शुभकामनाएं देंगे। बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी आकर्षक विद्युत सजावट दीपोत्सव की चमक बढ़ाएगी। दीपावली का संदेश केवल धन-वैभव तक सीमित नहीं, प्रेम, सद्भाव और खुशियां बांटने का भी है।

धनतेरस से भाई दूज तक छह दिन दीपोत्सव

दीपोत्सव की शुरुआत छह नवंबर को धनतेरस से हुई। सात नवंबर को छोटी दीपावली मनाई गई। आठ नवंबर को मुख्य दीपावली के बाद नौ नवंबर को सोमवती अमावस्या, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी। तिथियों के विशेष संयोग के कारण इस बार दीपोत्सव का उल्लास छह दिनों तक रहेगा।

पूजन के प्रमुख मुहूर्त

  • लक्ष्मी-गणेश पूजन: शाम 5:53 से रात 7:50 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:30 से रात 8:07 बजे तक
  • वृषभ स्थिर लग्न: शाम 5:53 से रात 7:50 बजे तक
  • महानिशीथ काल: रात 11:39 से मध्यरात्रि 12:32 बजे तक
  • सिंह लग्न: रात 12:12 से देर रात 2:27 बजे तक
  • शुभ चौघड़िया: शाम 5:27 से 7:05 बजे तक
  • अमृत और चर चौघड़िया: रात 7:05 से 10:21 बजे तक

सोमवार को सोमवती अमावस्या का संयोग

दीपोत्सव के उल्लास के बीच सोमवार को सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग भी रहेगा। नौ नवंबर को श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों के निमित्त तर्पण करेंगे। मान्यता है कि इस दिन पीपल की पूजा और परिक्रमा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:56 से 5:48 बजे तक, स्नान-दान का श्रेष्ठ समय सुबह 6:40 से 10:43 बजे तक और पितृ तर्पण का कुतुप मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगी।

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