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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजा तक अब पहुंची साइकिल, गाइड पर बैन; एफआईआर कराएगा ASI

Published: Sun, 17 Nov 2024 02:03 PM (IST)

फतेहपुर सीकरी एएसआई की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगते रहे हैं। कभी यहां आने वाले लोग बिरयानी बना लेते हैं ...और पढ़ें

बुलंद दरवाजा पर साइकिलिस्ट ग्रुप ने कराया फोटो सेशन।
बुलंद दरवाजा पर साइकिलिस्ट ग्रुप ने कराया फोटो सेशन।

HighLights

  1. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो
  2. गाइड के खिलाफ एएसआई ने लगाया बैन

जागरण संवाददाता, आगरा। विश्व धरोहर स्थल फतेहपुर सीकरी में पर्यटक से चादर चढ़वाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला थमा नहीं था कि रविवार सुबह बुलंद दरवाजा तक साइकिल और मोटर साइकिल पहुंच गईं।सोशल मीडिया में 46 सेकेंड का एक वीडियो प्रसारित हो रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने गाइड के काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उसके विरुद्ध तहरीर दी जा रही है।

विश्व धरोहर स्थल फतेहपुर सीकरी में पर्यटकों के लिए गुलिस्तां कांप्लेक्स से स्मारक परिसर तक बैटरी कार एडीए द्वारा संचालित की जाती हैं। स्मारक तक पर्यटक वाहनों का जाना प्रतिबंधित है।

एक ग्रुप बुलंद दरवाजा तक पहुंच गया, यहां सीढ़ियों पर कराया फोटो सेशन

रविवार सुबह करीब 8:30 बजे साइकिलिस्ट का एक ग्रुप बुलंद दरवाजा तक पहुंच गया। ग्रुप ने बुलंद दरवाजा की सीढ़ियों पर खड़े होकर फोटो सेशन कराया। सोशल मीडिया में इसका वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसमें सीढ़ियों पर साइकिलों के साथ खड़े पर्यटक और नीचे उनकी फोटोग्रॉफी करते दो व्यक्ति नजर आ रहे हैं। समीप ही मोटर साइकिल और स्कूटी खड़ी है। इससे फतेहपुर सीकरी की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वाहन को सीढ़ियों तक नहीं ले जा सकते

नियमानुसार स्मारक की सीढ़ियों पर किसी वाहन को नहीं ले जाया जा सकता है। वीडियो प्रसारित होने के बाद एएसआई ने गाइड शरीफ के काम करने पर प्रतिबंध लगाने के साथ उसके विरुद्ध तहरीर दी जा रही है। गाइड, एएसआई का है।

अधीक्षण पुरात्वविद डा. राजकुमार पटेल ने बताया कि मामले में गाइड की लापरवाही सामने आई है। उसके काम करने पर रोक लगाने के साथ ही तहरीर दी जा रही है।

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पर्यटकों को कर रहे गुमराह

फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह दो भागों दरगाह परिसर और महल पैलेस में बंटा हुआ है। दरगाह परिसर में सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह, बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद हैं, जबकि महल पैलेस में जोधाबाई पैलेस, पंचमहल, अनूप तालाब, रंग महल, हिरन मीनार आदि हैं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले और बुलंदशहर में बैंक में तैनात राहुल सिंह अपनी पत्नी प्रीति और पांच वर्षीय बच्चे के साथ शनिवार को फतेहपुर सीकरी घूमने आए थे। दोपहर 1:30 बजे बुलंद दरवाजा के पास दंपती ने 500 रुपये में गाइड तय किया।

गाइड ने 1100 रुपये की चादर चढ़वा दी

राहुल सिंह ने बताया कि गाइड ने उन्हें बुलंद दरवाजा, शेख सलीम चिश्ती की दरगाह और बादशाही गेट दिखाया। पत्नी ने महल दिखाने की इच्छा जताई तो गाइड ने कहा कि अकबर का किला (महल पैलेस) तो टूट गया है। वहां जाना ठीक नहीं है। गाइड महल पैलेस को अकबर का किला कहते हैं। गाइड ने दरगाह में आस्था का हवाला देकर 1100 रुपये की चादर जबरन चढ़वा दी। इसके बाद अपना शुल्क लेकर भाग निकला।

दोपहर तीन बजे दंपती बस स्टैंड पहुंचे। बस स्टैंड प्रभारी रामगोपाल और शिव सिंह माहुरा से पूछा कि महल पैलेस कब टूट गया तो उन्होंने बताया कि यथावत है। धोखाधड़ी से पर्यटक दंपती दंग रह गए। उन्हें दोबारा स्मारक देखने जाना पड़ा।