आगरा, जेएनएन। सोमवार को तीन दिन बाद बैंकों के ताले खुले तो कैश निकासी व जमा करने वालों की सुबह से भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे काउंटरों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं।

राष्ट्रीय संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारी 31 जनवरी व एक फरवरी को कामबंद हड़ताल पर रहे। दो फरवरी को रविवार होने के कारण लगातार तीन दिन तक बैंक नहीं खुल सके। इससे करोड़ों का लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं क्लीयरेंस हाउस न लगने के कारण करोड़ों के चेक भी अटके रहे। इधर बैंकों की हड़ताल के कारण शहर में अधिकांश एटीएम भी शोपीस बने रहे। कैश लोड न होने के कारण कई एटीएम के शटर डाउन हो गए। वहीं कई एटीएम पर नो कैश के बोर्ड लटके नजर आए। ऐसे हालात में रविवार को लोगों को कैश निकासी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।

तीन दिन बाद सोमवार को सुबह दस बजे बैंकों के ताले खुले तो कैश निकासी व जमा करने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। कैश काउंटरों पर लंबी-लंबी को देख अधिकारी, कर्मचारी परेशान है। अधिक ग्राहक आने पर भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी सहित कई बैंकों में अतिरिक्त काउंटर खुलवाने पड़े। फरवरी में पहली बार बैंक खुलने के कारण आम ग्राहकों के साथ वेतन और पेंशन निकालने वाले कर्मचारियों की भीड़ भी पहुंची। वहीं कैश जमा करने वालों की संख्या भी अधिक रही। शाम चार बजे तक काउंटरों ग्राहकों की कतारें दिखीं।

कैश लोड करने को सुबह से दौड़ती रही बैन

तीन दिन की हड़ताल के बाद सोमवार को बैंक खुलीं तो एटीएम में कैश लोड करने के लिए कैश बैन शहर में दौड़ती नजर आईं। एटीएम में कैश लोड होने के बाद लोग एटीएम से कैश निकालते नजर आए। बैंक व एटीएम चालू होने से ग्राहकों को खासी राहत मिली।

क्‍या कहते हैं ग्राहक

खाते से पैसे निकालने के लिए दो दिन से चक्कर काट रहे थे। तीन दिन बाद बैंक खुली हैं। सुबह से काउंटर पर इतनी भीड़ है कि तीन घंटे के बाद खाते से पैसा निकल सका।

- रामढकेली

बैंक पासबुक प्रिंट कराने के लिए कई बार लौट चुके हैं। तीन दिन के बाद आज बैंक खुली है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा। इसलिए वापस लौटना पड़ रहा है।

- गुलशन

 

Posted By: Tanu Gupta

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