आगरा के निबोहरा पीएचसी पर सीएमओ का दौरा, ग्रामीणों को मिला डिलीवरी प्वाइंट और डॉक्टर का भरोसा
सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने निबोहरा पीएचसी पर तीन दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान किया।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सीएमओ ने निबोहरा पीएचसी पर ग्रामीणों से मुलाकात की।
एक माह में डिलीवरी प्वाइंट बनाने का आश्वासन दिया।
पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती और भवन मरम्मत होगी।
जागरण संवाददाता, आगरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) निबोहरा की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में तीन दिन से धरने पर बैठे किसानों और ग्रामीणों की आवाज आखिरकार स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची।
रविवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव पीएचसी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जल्द व्यवस्थाएं सुधारने का भरोसा दिया। सीएमओ के आश्वासन के बाद भाकियू चौधरी चरण सिंह गुट का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हो गया।
सीएमओ ने पीएचसी पर चिकित्सक डॉ. पवन कुमार यादव की तैनाती की घोषणा की। उन्होंने एक माह के अंदर पीएचसी को डिलीवरी प्वाइंट के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया। इससे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए फतेहाबाद या आगरा जाने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। पीएचसी में बिजली कनेक्शन न होने और भवन की जर्जर हालत का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया।
सीएमओ ने बिजली कनेक्शन कराने के निर्देश दिए। भवन की छत और बाउंड्रीवाल की स्थिति सुधारने के लिए सोमवार को जेई से निरीक्षण कराकर स्टीमेट तैयार कराने को कहा गया। पीएचसी की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान को सौंपी गई।
वहीं, सीएमओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पीएचसी तक पहुंचने वाले रास्ते को डीपीआरओ से वार्ता कर सही कराया जाएगा। वहीं सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के लिए शिविर लगाया जाएगा। ग्राम प्रधान चौधरी दीवान सिंह ने पीएचसी परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की।
सुविधा शुल्क लेने का लगाया आरोप
धरने पर पहुंचीं ग्रामीण महिला शांतिदेवी ने सीएमओ को बताया कि उनके दोनों हाथों में चर्मरोग है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएचसी फतेहाबाद पर प्रसव कराने के लिए स्टाफ नर्स द्वारा दो से तीन हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा जाता है। रुपये देने के बाद ही डिलीवरी किए जाने का आरोप लगाया। सीएमओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया।
