विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वाराणसी: सीएमओ की कुर्सी संभालते ही एक्शन में डॉ. नरेंद्र प्रताप, लापरवाही बरतने वालों को दी सख्त चेतावनी

Published: Thu, 13 Aug 2026 09:21 AM (IST)

नवागत सीएमओ डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही मुख्यमंत्री डैश बोर्ड कार्यक्रम में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. नवागत सीएमओ ने मुख्यमंत्री डैश बोर्ड पर कार्रवाई शुरू की।

  2. लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

  3. एंबुलेंस सेवा सहित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जागरण संवाददाता, वाराणासी। जिले के नवागत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की सतत निगरानी के क्रम में कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे दिन ही बुधवार को कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री डैश बोर्ड के कार्यक्रम में पिछले दिनों जो लापरवाही हुई है उससे संबंधित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। लापरवाही बरतने वाले सख्त कार्रवाई के घेरे में आएंगे।

गौरतलब है कि इसमें लापरवाही की गाज पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी मुकेश कुमार पर गिर चुकी है। उन्हें प्रदेश शासन ने निलंबित करके चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय लखनऊ में अटैच कर जांच बैठाई है। नवागत सीएमओ इस मामले में कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते। इसलिए मुख्यमंत्री डैश बोर्ड के एक-एक बिंदु पर कबीर नगर स्थित कार्यालय पर मैराथन बैठक हो रही है। कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन उन्होंने प्रथम बिंदु एंबुलेंस सेवा को प्राथमिकता के तौर पर लिया।

सीएमओ कार्यालय में मुख्य मंत्री डैश बोर्ड के एक-एक कार्यों की बिंदुबार समीक्षा बैठक की जा रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डैश बोर्ड में प्राथमिक रूप से क्रमश: एम्बुलेंस सेवा, जननी सुरक्षा योजना, टेली रेडियोलॉजी, मोबाइल मेडिकल, न्यूरोसिटी योजनाएं शामिल है। इस संबंध में एंबुलेंस सेवा के बावत नोडल एजेंसी की बैठक में एंबुलेंस में एडवांस लाइव सपोर्ट देने पर समीक्षा की गई।

सीएमओ के मुताबिक बच्चों महिलाओं के लिए 102 नंबर की 38 की संख्या में व 108 नंबर की 28 की संख्या में एंबुलेंस जिले में सेवारत हैं । इसके अलावा जीवन रक्षक प्रणालियों से युक्त पांच एंबुलेंस कार्यरत हैं। इनकी गंतव्य तक पहुंचने की निर्धारित टाइम लाइन अलग-अलग है।

यह भी पढ़ें- वाराणसी में मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर निर्माण पर चला बुलडोजर, कार्रवाई से दो पक्ष हुए आमने-सामने

दावा किया कि 102 नंबर की एंबुलेंस सूचना देने से 20 मिनट व 108 नंबर की 15 मिनट में पहुंच जा रही हैं जबकि इनकी पहुंचने की टाइम लाइन इससे अधिक समय की है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर मॉक ड्रिल के माध्यम से एंबुलेंस की पहुंचने की टाइम लाइन जांच की जाएगी।