वाराणसी में मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर निर्माण पर चला बुलडोजर, कार्रवाई से दो पक्ष हुए आमने-सामने
नगर निगम ने वाराणसी के दौलतपुर स्थित प्राचीन मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर के पास हो रहे निर्माण को अवैध बताकर ढहा ...और पढ़ें

HighLights
नगर निगम ने मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर निर्माण ढहाया।
दौलतपुर कॉलोनी में अवैध निर्माण की शिकायत पर कार्रवाई।
कार्रवाई से दो पक्षों में गहराया विवाद, पुलिस जांच जारी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पाण्डेयपुर स्थित आवास विकास कॉलोनी दौलतपुर के पार्क में स्थित प्राचीन मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर के बगल में हो रहे निर्माण को नगर निगम का उड़ाका दस्ता ने बुलडोजर चलाकर गिरा दीया। जिससे एक पक्ष नाराज हो गया।
दौलतपुर आवास विकास कॉलोनी में किसान व आवास विकास परिषद के लिखित समझौते के तहत बड़ा पार्क मंदिर के नाम पर छोड़ा गया था। जहाँ पर चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियों का तम्बू स्टाल काउंटिंग के समय लगता हैं। उस पार्क में सैंकड़ो साल पुराने विराजमान प्राचीन मुड़ीकट्टा बाबा मंदिर भी हैं।
क्षेत्र के तत्कालीन किसान अपने पैसे से मंदिर के बगल में चबूतरा बनवा रहे थे। जहाँ चबूतरा व मंदिर पर छज्जा का निर्माण पीलर उठाकर कर दिया गया था। अब उसकी सफाई का कार्य चल रहा था।इसी दौरान कॉलोनी के एक व्यक्ति ने नगर निगम में शिकायत करते हुए मंगलवार को नगर निगम के जोनल अधिकारी को बुलाकर हो रहे जीर्णोद्धार को रोकवा दिया।
बुधवार को नगर निगम की उड़ाका दल ने अवैध निर्माण बताते हुए पार्क में बन रहे निर्माण को ढहा दिया। नगर निगम की इस कार्यवाही से एक पक्ष आक्रोशीत हो गया। दूसरे पक्ष पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगा। मंदिर के नवनिर्माण को लेकर एक पक्ष जहां विरोध कर रहा है।
वहीं, दूसरा पक्ष उसका समर्थन कर रहा है। बुधवार की शाम निर्माण गिराने जाने से आक्रोशित होकर कुछ लोग कॉलोनी में रहने वाले सुनील सिंह के घर के सामने पहुंच कर विरोध दर्ज कराया।
वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने लालपुर पांडेयपुर थाने में पहुंचकर घर पर चढ़ कर आये लोगों की लिखित शिकायत की। लालपुर पांडेयपुर पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनकर मौके की स्थिति को देख समझ कर निर्णय लिया जाएगा।
दालमंडी में चार मकान ध्वस्त, कार्रवाई अंतिम चरण में
वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बुधवार को अभियान चलाकर क्षेत्र में चार अवैध मकानों को ध्वस्त किया। वीडीए ने इन मकानों को पहले ही अवैध घोषित कर दिया था। पोकलेन की मदद से चारों मकानों का ध्वस्तीकरण किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, चौड़ीकरण के लिए चिन्हित 181 भवनों में से अब केवल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चार भवन शेष हैं। इन पर कार्रवाई के बाद ध्वस्तीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा।
दशाश्वमेध एसीपी डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि कार्रवाई से पहले मकानों को खाली कराने के लिए मुनादी कराई गई थी। दालमंडी में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर सिविल पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए थे। पूरी कार्रवाई की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई।
पीडब्ल्यूडी के अनुसार, दालमंडी चौड़ीकरण पूरा होने के बाद क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी। साथ ही श्रद्धालुओं को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक आवागमन में सुविधा मिलेगी।
